अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु स्थलों के निरीक्षण को लेकर मतभेद

अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु स्थलों के निरीक्षण को लेकर मतभेद

अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु स्थलों के निरीक्षण को लेकर मतभेद
Modified Date: June 23, 2026 / 10:25 pm IST
Published Date: June 23, 2026 10:25 pm IST

इस्लामाबाद, 23 जून (एपी) अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को इस बात को लेकर मतभेद उभर आए कि क्या तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को बमबारी का निशाना बने ईरानी परमाणु स्थलों का निरीक्षण करने की अनुमति देने पर सहमति जताई है।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब अधिकारी दोनों देशों के बीच युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत में मध्यस्थता कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर लेबनान में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है।

परस्पर विरोधी दावों के बीच, ईरान के राष्ट्रपति पाकिस्तान के अधिकारियों से मिले, जो दोनों पक्षों के बीच वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत के बाद तकनीकी टीम समझौते के विभिन्न पहलुओं और विवरणों को अंतिम रूप देने पर काम कर रही हैं।

बातचीत आगे बढ़ने के साथ होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन पर रुकावट दूर होने के आसार नज़र आने लगे हैं।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने मंगलवार को घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 नाविकों को सुरक्षित निकालने की योजना पर काम चल रहा है।

इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने तेहरान में पत्रकारों से कहा कि संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों का पिछले वर्ष अमेरिका द्वारा बमबारी किए गए ईरानी परमाणु स्थलों का निरीक्षण करने का कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं है।

उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस की टिप्पणियों का खंडन किया, जिनमें संकेत दिया गया था कि ईरान ऐसे निरीक्षणों की अनुमति देने पर सहमत हो गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि ईरान भविष्य में अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े स्थलों के निरीक्षण की अनुमति देने पर सहमत हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने इस मामले में अपनी संभावित भूमिका को लेकर पूछे गए सवालों के संबंध में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। एजेंसी 2025 में इज़राइल और ईरान के बीच 12 दिन युद्ध के बाद से ईरान से संपर्क बनाए हुए है, लेकिन उसे अब तक उन यूरेनियम संवर्धन स्थलों तक पहुंच की अनुमति नहीं मिली है, जिन्हें अमेरिका ने निशाना बनाकर बमबारी की थी।

दक्षिणी लेबनान में मंगलवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी, जब इज़राइली सैनिकों की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई। शनिवार को हुए युद्धविराम के बाद दो दिनों तक अपेक्षाकृत शांति रहने के पश्चात यह घटना हुई है।

लेबनान में लड़ाई फिर से शुरू होने पर व्यापक कूटनीतिक वार्ताओं को खतरा पैदा हो सकता है, क्योंकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यापक और अंतिम समझौते का हिस्सा लेबनान में पूर्ण युद्धविराम होना चाहिए।

एपी आशीष दिलीप

दिलीप


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