चीन ने लगाया गूगल पर डाटा चोरी करने का आरोप
चीन ने लगाया गूगल पर डाटा चोरी करने का आरोप
चीनी कम्पनियों द्वारा यूजर का डाटा चुराने के बाद अब टैक जाएंट गूगल पर आईफोन यूजर्स का डाटा व जरूरी जानकारी चुराने को लेकर मुकदमा दायर किया गया है. द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक यू.के. बेस्ड “Google You Owe Us” नामक ग्रुप ने गूगल पर आरोप लगाया है कि उसने जून 2011 से फरबरी 2012 तक अवैध रूप से यूजर की जानकारी को जमा किया है. इस ग्रुप ने 5.4 मिलीयन आईफोन यूजर्स का डाटा चोरी करने को लेकर मुआवजे की मांग की है।.
इस ग्रप को लीड कर रहे रिचर्ड लोयड (Richard Lloyd) ने ब्रिटिश लॉ फर्म मिस्चोन दे रिया (Mischon de Reya) की सलाह से दावा करते हुए यह मुकदमा दायर किया है कि गूगल ने जून 2011 से फरबरी 2012 तक अवैध रूप से आईफोन की डिफाल्ट प्राइवेसी सैटिंग को बायपास करते हुए गैरकानूनी तरीके से यूजर की जानकारी को जमा किया है.
रिचर्ड लोयड ने दिया अहम बयान
गूगल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहे रिचर्ड लोयड ने कहा है कि यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी फाइट है। मुझे विश्वास है कि गूगल ने जो किया है वह सीधा ही कानून के विरुद्ध है। इससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। इस मुकदमे के जरिए हम गूगल और सिलिकॉन वैली के अन्य टैक जाएंट्स तक यह मैसेज पहुंचाना चाहते हैं कि कानून का उल्लंघन करने पर हम मुकदमे के जरिए लड़ने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि “अब तक मैंने उपभोक्ताओं के लिए काफी केस लड़े हैं। लेकिन अब तक यूजर के भरोसे का ऐसा दुरुपयोग होते नहीं देखा है। यू.के. में यह पहला ऐसा केस है जब किसी बड़ी टैक कम्पनी ने यूजर के मूल्यवान व्यक्तिगत डाटा का दुरुपयोग किया है। मैं इस बात को सारी दुनिया तक पहुंचाना चाहता हूं। हम मिल कर गूगल को यह बताएंगे कि हमारी सहमती के बिना हमारे डाटा को चुराना गैरकानूनी है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कम्पनी कितनी बड़ी व शक्तिशाली हैं, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है
For the many people asking about #GoogleYouOweUs and what it means for them, there’s more detail at https://t.co/HflUTP8agN @GoogleYouOweUs
— Richard Lloyd (@RichardJLloyd) November 30, 2017
आईफोन से चोरी किया गया डाटा
एनगैजेट की रिपोर्ट के मुताबिक आईफोन के सफारी ब्राउजर में लूपहोल का फायदा उठाते हुए आईफोन यूजर्स के डाटा को इकट्ठा किया गया है। इस डाटा में यूजर की इंटरनैट ब्राउजर हिस्ट्री भी शामिल है और यह सारी जानकारी कम्पनी ने एडवर्टाइजर्स को बेची है। आपको बता दें कि आईफोन की डिफॉल्ट प्राइवेसी सैटिंग्स उन साइट्स को ब्लाक कर देती हैं जो कूकीज के जरिए यूजर की एक्टिविटी को ट्रैक करती हैं। जब तक यूजर वैबसाइट को ओपन नहीं करेगा तब तक फार्म को फिल करने जैसी जानकारी उससे नहीं ली जा सकती। लेकिन गूगल ने गूगल+ के जरिए इस सैटिंग को बाईपास कर दिया है। गूगल+ पर लॉग इन करने पर यूजर के बिहाव से एप्पल को एक इनविजीबल फोर्म सेंड होता है जिससे कूकीज को ट्रैक किया गया है।

गूगल ने दी प्रतिक्रिया
इस मुकदमे को लेकर गूगल के प्रवक्ता ने कहा है कि यह पहली बार नहीं हैं जब हम इस तरह का केस लड़ रहे हैं। हमने इससे पहले भी इस तरह के मुकदमों से बचाव किया है और हम इससे भी लड़ेंगे।

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