विशेष सुज्जजित वाहन से 33 फुट ऊंचा, 210 टन वजनी शिवलिंग बिहार पहुंचा, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

विशेष सुज्जजित वाहन से 33 फुट ऊंचा, 210 टन वजनी शिवलिंग बिहार पहुंचा, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 08:48 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 08:48 PM IST

गोपालगंज, पांच जनवरी (भाषा) बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित किए जाने के लिए 33 फुट ऊंचा और 210 टन वजनी शिवलिंग सोमवार को पड़ोसी गोपालगंज जिले में पहुंचा। शिवलिंग के पहुंचते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए उमड़ पड़े।

बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद (बीएसआरटीसी) के सदस्य सयान कुणाल ने बताया कि भगवान शिव का प्रतीक यह विशाल शिलाखंड तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से होते हुए करीब 2,500 किलोमीटर की दूरी तय कर लगभग 45 दिनों में गोपालगंज पहुंचा है।

तमिलनाडु के महाबलीपुरम में निर्मित इस शिवलिंग को विशेष रूप से डिजाइन किए गए 96 पहियों वाले ट्रक पर लाया जा रहा है।

बिहार के मंत्री अशोक चौधरी और सयान कुणाल एवं अन्य लोगों ने शिवलिंग के समक्ष पूजा-अर्चना की। वाहन की गति जहां-जहां धीमी हुई या थोड़ी देर के लिए वह रुका, वहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

चौधरी ने पत्रकारों से कहा, “यह केवल एक पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि महान आध्यात्मिक संकल्प का प्रतीक है। दिवंगत किशोर कुणाल जी ने ऐसे शिवलिंग की परिकल्पना की थी, जिसके दर्शन और पूजा से 1,008 शिवलिंगों की पूजा के बराबर पुण्य की प्राप्ति हो। आज उनका यह सपना साकार हो रहा है।”

उन्होंने कहा कि महावीर मंदिर न्यास की टीम इस परियोजना की सतत निगरानी कर रही है, ताकि निर्माण और स्थापना पूरी शुद्धता, भव्यता और सनातन परंपराओं के अनुरूप हो।

पूर्व बीएसआरटीसी अध्यक्ष किशोर कुणाल ने 20 जून, 2023 को पूर्वी चंपारण के कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर की आधारशिला रखी थी।

कुणाल के पुत्र और बीएसआरटीसी के सदस्य सायन कुणाल ने बताया कि शिवलिंग के 10 से 12 जनवरी के बीच मंदिर परिसर में पहुंचने की संभावना है, जबकि कृष्ण चतुर्दशी के अवसर पर 17 जनवरी को इसकी औपचारिक स्थापना की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि विराट रामायण मंदिर का निर्माण 2030 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। यह मंदिर 270 फुट ऊंचा होगा और परिसर में 18 शिखर तथा विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित 22 मंदिर होंगे।

भाषा कैलाश राजकुमार

राजकुमार