बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49.36 लाख लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49.36 लाख लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49.36 लाख लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
Modified Date: September 14, 2026 / 12:03 pm IST
Published Date: September 14, 2026 12:03 pm IST

पटना, 14 सितंबर (भाषा) बिहार में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में 49.36 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, और कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों के 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि लगातार वर्षा तथा नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण राज्य की कई नदियों और जलधाराओं का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

डीएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, सोमवार सुबह छह बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.21 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.71 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में गिरावट का रुख है।

बुलेटिन के अनुसार, बलतारा और कुरसेला में कोसी नदी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी, दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा नदी, श्रीपालपुर में पुनपुन नदी, बेनीबाद में बागमती नदी तथा दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

डीएमडी ने बताया कि बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया शामिल हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा 1,260 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं तथा 13 राहत शिविर संचालित हैं। इन शिविरों में लगभग 11,060 लोगों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

विभाग के अनुसार, अब तक प्रभावित लोगों के बीच 3.95 लाख पॉलीथीन शीट, 73,100 सूखा राशन पैकेट और 1,400 खाद्य पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

बचाव एवं आवागमन के लिए 1,596 नावें तैनात की गई हैं। इसके अलावा 13,121 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है।

डीएमडी ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से 90,600 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जिसमें बढ़ोतरी का रुख है। वीरपुर स्थित कोसी बैराज पर 1,51,015 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया, जिसमें गिरावट का रुख है। इस वर्ष 20 जुलाई को यहां अधिकतम 2,55,425 क्यूसेक प्रवाह दर्ज किया गया था। इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज पर 53,459 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया, जिसमें बढ़ोतरी हो रही है।

संभावित बाढ़ और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में एसडीआरएफ की 27 तथा एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।

भाषा कैलाश

मनीषा

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