बिहार : राज्यपाल, मुख्यमंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पटना में रामनवमी शोभा यात्रा में लिया हिस्सा
बिहार : राज्यपाल, मुख्यमंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पटना में रामनवमी शोभा यात्रा में लिया हिस्सा
(तस्वीरों के साथ)
पटना, 27 मार्च (भाषा) बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को पटना में आयोजित रामनवमी शोभा यात्रा में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का उद्घाटन पारंपरिक दीप प्रज्वलन कर किया।
पटना के विभिन्न हिस्सों से आई रामनवमी की कुल 52 झांकियों को डाक बंगला चौराहा पर मुख्यमंत्री, नितिन नवीन और अन्य नेताओं द्वारा सम्मानित किया गया।
भाजपा द्वारा जारी बयान के अनुसार, कार्यक्रम का संचालन स्वयं नितिन नवीन ने किया।
उन्होंने कहा, ‘‘भगवान राम केवल आस्था के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा और उच्च आदर्शों के भी प्रतीक हैं। रामनवमी का यह पावन अवसर एकता, सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का संदेश देता है।’’
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लोगों से भगवान राम के आदर्शों का अनुसरण करने और राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देने का आग्रह किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार, राज्यसभा सदस्य संजय झा, लोकसभा सांसद मनोज तिवारी तथा वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी सहित कई अन्य नेता भी मौजूद थे।
शोभा यात्रा में झांकियों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
इससे पहले दिन में रामनवमी के अवसर पर राज्यभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने पूजा-अर्चना कर उत्सव को धार्मिक उत्साह के साथ मनाया।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राजधानी पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर सहित कई मंदिरों में पूजा-अर्चना की।
सुबह संवाददाताओं से बातचीत में नवीन ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगवान राम के जीवन में निहित मूल्यों को सभी के जीवन का मार्गदर्शक बनना चाहिए।
महावीर मंदिर से अपने जुड़ाव को याद करते हुए नवीन ने कहा कि वह बचपन से इस मंदिर में आते रहे हैं और उन्होंने इसे आस्था का प्रमुख केंद्र बताया।
उन्होंने मंदिर के विकास में योगदान के लिए अपने शिक्षक दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल को श्रद्धांजलि भी दी।
मुख्यमंत्री ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन मानवता के प्रति प्रेम, सद्भाव, सहिष्णुता, त्याग और धर्मपरायणता का प्रतीक है तथा उन्होंने लोगों के लिए आनंदमय और शांतिपूर्ण उत्सव की कामना की।
भाषा कैलाश
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