तांती-तंत्वा को एससी सूची में शामिल करने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे: बिहार सरकार
तांती-तंत्वा को एससी सूची में शामिल करने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे: बिहार सरकार
पटना, नौ फरवरी (भाषा) बिहार के संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने सोमवार को राज्य विधानसभा में कहा कि सरकार तांती-तंत्वा समुदाय को पान जाति की तरह अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) की जगह अनुसूचित जाति (एससी) सूची में शामिल करने की मंशा रखती है, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इससे संबंधित कानून रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार अब इस मामले में शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।
सहरसा से विधायक आईपी गुप्ता ने बजट सत्र के पांचवें दिन विधानसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पहले जिन लोगों की नियुक्ति हुई थी, उनसे भी अब एससी प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है और उन्हें नौकरी से हटाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले की सरकारी स्तर पर समीक्षा की मांग की।
इस पर चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने तांती-तंत्वा को एससी श्रेणी में शामिल करने का फैसला लिया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने संबंधित कानून को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने कहा था कि राज्य सरकार के पास एससी सूची में बदलाव करने का अधिकार नहीं है।
चौधरी ने कहा कि कानून रद्द होने से पहले जिन लोगों की भर्ती हुई थी, उनकी नियुक्ति बरकरार है और किसी की सेवा समाप्त नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित अवधि में जो विज्ञापन जारी हुए थे, उन्हें भी बदला नहीं गया है और न ही बदला जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि इसके बावजूद अगर किसी के प्रवेश या नौकरी में अड़चन आ रही है, तो इसकी जानकारी दी जाए, सरकार मामले की समीक्षा करेगी।
भाषा
कैलाश पारुल
पारुल

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