बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दलाल और माफिया को बख्शा नहीं जाएगा: विजय सिन्हा

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दलाल और माफिया को बख्शा नहीं जाएगा: विजय सिन्हा

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दलाल और माफिया को बख्शा नहीं जाएगा: विजय सिन्हा
Modified Date: January 5, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: January 5, 2026 7:38 pm IST

पटना/भागलपुर, पांच जनवरी (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दलालों और भू-माफियाओं की किसी भी प्रकार की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिन्हा ने भागलपुर में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम में कहा कि विभाग का यह संवाद अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भूमि से जुड़ी आम जनता की समस्याओं के समाधान का एक सशक्त मंच बन चुका है।

उन्होंने कहा कि इस संवाद का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का नियमसम्मत समाधान सुनिश्चित करना है तथा भूमि संबंधी मामलों में अब बिहारवासियों को ‘द्रव्य (रिश्वतखोरी), दबाव और दलाली’ से मुक्ति मिलेगी।

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उपमुख्यमंत्री ने विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर देने का दावा करते हुए कहा कि आम लोगों को इन सेवाओं का लाभ सहज रूप से मिल सके, इसके लिए 12 दिसंबर से पटना से जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए हर अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र खोले गए हैं, जहां कंप्यूटर प्रशिक्षित वीएलई मामूली शुल्क पर आवेदन के साथ उचित परामर्श भी उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ अब कठोर कार्रवाई होगी क्योंकि सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दिया गया है।

उन्होंने माफिया तत्वों को जेल भेजने की चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी बिचौलिये, दलाल या भू-माफिया की भूमिका अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

सिन्हा ने बताया कि एक जनवरी, 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की व्यवस्था भी तय कर दी गई है।

उपमुख्यमंत्री का कहना था कि एससी/एसटी पर्चाधारियों को शत-प्रतिशत दखल दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ शुरू किया गया है।

सिन्हा के अनुसार परिमार्जन प्लस के अंतर्गत मामलों के निपटारे के लिए 15, 35 और 75 कार्य दिवस की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है। पारिवारिक बंटवारा पोर्टल के माध्यम से अब बंटवारा और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी सरल हो गई है।

उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक शनिवार को थाना के स्थान पर अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगाया जाएगा, यह व्यवस्था आम जनता को थाना जाने में होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है।

भाषा कैलाश राजकुमार

राजकुमार


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