चिराग पासवान ने लोजपा (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का किया पुनर्गठन

चिराग पासवान ने लोजपा (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का किया पुनर्गठन

चिराग पासवान ने लोजपा (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का किया पुनर्गठन
Modified Date: August 26, 2026 / 02:01 pm IST
Published Date: August 26, 2026 2:01 pm IST

पटना, 26 अगस्त (भाषा) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कार्यकारिणी का पुनर्गठन करते हुए बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को बदल दिया है।

पार्टी की ओर से बुधवार को जारी सूची के अनुसार, चिराग पासवान राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-साथ केंद्रीय संसदीय बोर्ड के चेयरमैन भी बने रहेंगे। ललित कुमार गौतम, हरमीत सिंह (एडवोकेट) और सरदार तारा सिंह को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

नई कार्यकारिणी में मनीष शंकर पांडेय, मोहम्मद शमीम एम. हवा, वीरेंद्र प्रधान, कुंवर आसिम खान, डॉ. सत्यनंद शर्मा और डॉ. कमला कुमारी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, अब्दुल खालिक को राष्ट्रीय महासचिव तथा सांसद राजेश वर्मा को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा मिथिलेश कुमार सिंह, राजू तिवारी, वीणा देवी, अजय कुमार, पंकज अरोड़ा, डॉ. के.पी. चौधरी, वीरेंद्र बिधूड़ी, डॉ. सुखातो ए. सेमा, धीरेंद्र कुमार सिन्हा ‘मुन्ना’, अशरफ अंसारी, अरविंद कुमार सिंह और सी. विद्याधरन को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।

संगठनात्मक फेरबदल के तहत बिहार की कमान पार्टी के विधायक राजू तिवारी से लेकर सुरेंदर विवेक को सौंपी गई है। विवेक इससे पहले प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश कार्यालय अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुके हैं तथा बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार पार्टी के उम्मीदवार रह चुके हैं। वहीं, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दायित्व दिया गया है।

पार्टी ने बिहार, झारखंड, असम, नागालैंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और मणिपुर सहित कई राज्यों में भी नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं।

पार्टी के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन का विस्तार, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और राज्यों में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से यह पुनर्गठन किया गया है।

भाषा कैलाश मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में