एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भाकपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, पानी की बौछारें की गईं

एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भाकपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, पानी की बौछारें की गईं

एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भाकपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, पानी की बौछारें की गईं
Modified Date: September 28, 2026 / 07:49 pm IST
Published Date: September 28, 2026 7:49 pm IST

पटना, 28 सितंबर (भाषा) बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में निकाले गए मार्च के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और उससे संबद्ध संगठनों के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर रद्द करने तथा वक्फ संशोधन अधिनियम वापस लेने की मांग की।

भाकपा की बिहार इकाई के अनुसार, यह प्रदर्शन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ), ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (एआईवाईएफ), बिहार महिला समाज, बिहार राज्य किसान सभा, भारतीय खेत मजदूर यूनियन, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) और तंजीम-ए-इंसाफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा।

पार्टी के बयान के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूची के एसआईआर को रद्द करने और वक्फ संशोधन अधिनियम को वापस लेने की मांग की।

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधक हटाने की कोशिश भी की। हालांकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

ज्ञापन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को 200 दिनों के गारंटीशुदा रोजगार और न्यूनतम मजदूरी के साथ बहाल करने, कृषि मजदूरों के लिए व्यापक केंद्रीय कानून बनाने, शहीद-ए-आजम भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम लागू करने, चारों श्रम संहिताएं वापस लेने तथा सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने की भी मांग की गई।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने सी2+50 प्रतिशत फार्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी, एग्रीकल्चरल इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के तहत फसल बीमा योजना लागू करने, कृषि ऋण माफी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की भी मांग की।

इस बीच, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी शैक्षणिक सत्र में देरी और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन में शामिल हुए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को छात्रों की बात सुननी चाहिए। यहां शैक्षणिक सत्र में देरी हो रही है, परीक्षा शुल्क अधिक लिया जा रहा है और बड़ी संख्या में छात्रों को अनुत्तीर्ण किया जा रहा है।”

अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने लोक भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए डाकबंगला चौराहे पर लगाए गए अवरोधक हटा दिए, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं।

पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे, जिन्होंने पथराव कर कुछ लोगों घायल कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहन से हिरासत में लेकर वहां से हटाया गया।

इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कदमकुआं क्षेत्र में प्रदर्शन किया और पटना के दिनकर गोलंबर के पास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आर ब्लॉक क्षेत्र में भी प्रदर्शन किया, जहां से वे चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करते हुए पहुंचे और परिसर के मुख्य द्वार पर स्याही फेंकी।

कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित ‘वोट चोरी’ और अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग की। पार्टी ने मतदाता सूची में किए गए बदलावों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, “संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर हमला करना कांग्रेस का इतिहास रहा है। पूरी दुनिया भारत के चुनाव आयोग की चुनावी सफलता की सराहना करती है, लेकिन कांग्रेस के आरोप बताते हैं कि उसके पास मुद्दे खत्म हो गए हैं।”

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चुनावों में हार के बाद एसआईआर पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय भी एसआईआर की वैधता को बरकरार रख चुका है और कांग्रेस को लोगों के बीच जाकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग आए थे और कुछ असामाजिक तत्वों ने स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की। हमने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने डाकबंगला चौराहे पर सड़क जाम कर दी।”

उन्होंने कहा कि सड़क जाम होने से एंबुलेंस सहित आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुईं, हालांकि अब स्थल को आंशिक रूप से खाली करा लिया गया है। पथराव की घटनाओं में कुछ लोग घायल भी हुए हैं।

भाषा कैलाश रवि कांत जोहेब

जोहेब


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