सच को झूठ से अलग करने के लिए न्यायपालिका का आभारी हूं: पप्पू यादव
सच को झूठ से अलग करने के लिए न्यायपालिका का आभारी हूं: पप्पू यादव
पटना, 13 फरवरी (भाषा) बिहार के पटना जिले की एक अदालत से जमानत मिलने के बाद निर्दलीय सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को जेल से रिहा हो गये।
यादव को तीन दशक पुराने एक मामले में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था।
पूर्णिया लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले यादव को वर्ष 1995 के एक जालसाजी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उन्हें हालांकि मंगलवार को ही जमानत मिल गई थी लेकिन दो अन्य मामलों के कारण अदालत ने उनकी रिहाई पर रोक लगा दी थी।
जेल से बाहर आने के बाद यादव ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें मरवाने की साजिश रच रहे थे।
उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के दौरान समर्थन देने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, तेज प्रताप यादव, दिग्विजय सिंह, मनोज झा, आनंद मोहन और असदुद्दीन ओवैसी समेत अन्य नेताओं का आभार जताया।
यादव ने कहा, “अगर आज मैं जीता हूं तो यह न्याय की जीत है। सच को झूठ से अलग करने के लिए मैं न्यायपालिका का आभारी हूं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में भी उन्हें मरवाने की साजिश रची गई थी।
गौरतलब है कि अदालत के आदेश पर खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें दो दिन तक न्यायिक हिरासत में पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में रखा गया था। उन्होंने कहा कि वह “नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) छात्रा के लिए जारी लड़ाई को रुकने नहीं देंगे।”
गिरफ्तारी से पहले सांसद ने दावा किया था कि पुलिस उनके पीछे इसलिए पड़ी है क्योंकि वह लगातार नीट अभ्यर्थी की मौत के मामले को उठा रहे थे।
उन्होंने कहा था, “हाल के दिनों में मैं सरकार की अक्षमता को उजागर कर रहा हूं, खासकर नीट अभ्यर्थी की मौत जैसी घटनाओं को लेकर, जिसने शहर के छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की असुरक्षा को सामने ला दिया है।”
भाषा कैलाश जितेंद्र
जितेंद्र

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