Nalanda Mid Day Meal Me Detergent : स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़! रसोइया को नमक और सर्फ में नहीं समझ आया अंतर, इतने बच्चे पहुंचे अस्पताल

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बिहार के नालंदा जिले में मिड-डे मील को लेकर चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। मध्य विद्यालय परासी में नमक की जगह गलती से डिटर्जेंट मिलाकर खाना परोस दिया गया। भोजन करने के बाद 24 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 06:16 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 06:33 PM IST

Nalanda Mid Day Meal Me Detergent :

HIGHLIGHTS
  • नमक की जगह खाने में गलती से मिला दिया डिटर्जेंट
  • मिड-डे मील खाने के बाद 24 से ज्यादा बच्चों की तबीयत बिगड़ी
  • सभी बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी, डॉक्टरों ने बताया खतरे से बाहर

नालंदा : Nalanda Mid Day Meal Me Detergent :  बिहार के नालंदा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां नूरसराय थाना क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय परासी में मंगलवार को मिड-डे मील खाने से 24 से अधिक छात्र-छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।

नमक की जगह मिलाया डिटर्जेंट

बता दें की स्कूल के प्राचार्य शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मिड-डे मील एक एनजीओ के माध्यम से आता है। मंगलवार को बच्चों को सोयाबीन-चावल परोसा गया था। खाना खाने के दौरान जब बच्चों ने नमक कम होने की बात कही, तो रसोइया ने गलती से नमक की जगह पास में रखा सर्फ खाने में मिला दिया। सर्फ मिला भोजन खाते ही बच्चों को उल्टी और चक्कर आने लगे।

मौके पर नहीं पहुंची एम्बुलेंस

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था भी उजागर हुई, क्योंकि सूचना मिलने के बाद भी कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची और परिजन बच्चों को टोटो व ऑटो से अस्पताल ले गए। Mid-Day Meal Scheme अस्पताल में एक ही बेड पर दो से तीन बच्चियों को लिटाकर इलाज किए जाने पर परिजनों ने जमकर हंगामा भी किया।

खतरे से बाहर हैं बच्चें

सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने सदर अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हालचाल लिया और परिजनों को बेहतर इलाज का भरोसा दिलाकर शांत कराया। फिलहाल चिकित्सकों के अनुसार सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, स्कूल रसोई की इस भारी लापरवाही और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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मिड-डे मील खाने के बाद 24 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी।

खाने में डिटर्जेंट कैसे मिला?

स्कूल प्राचार्य के अनुसार, रसोइया ने गलती से नमक की जगह पास में रखा डिटर्जेंट खाने में मिला दिया।

क्या बच्चों की हालत गंभीर है?

फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।