बिहार: पुलिस ने पटना में राजद विधायक रीतलाल यादव के सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की

बिहार: पुलिस ने पटना में राजद विधायक रीतलाल यादव के सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की

बिहार: पुलिस ने पटना में राजद विधायक रीतलाल यादव के सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की
Modified Date: June 23, 2025 / 02:49 pm IST
Published Date: June 23, 2025 2:49 pm IST

पटना, 23 जून (भाषा) बिहार पुलिस ने सोमवार को पटना में जबरन वसूली मामले की जांच के तहत दानापुर निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के परिवार के करीबी रीतलाल यादव के सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की।

अधिकारियों ने बताया कि राजद विधायक के फरार चार सहयोगियों को पकड़ने के लिए रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को दानापुर के कोठवा गांव में छापेमारी की गई। इसी मामले में राजद विधायक पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।

नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर रीतलाल यादव के सहयोगी चार फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की गई।’’

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसने आरोपियों की जबरन वसूली की मांग नहीं मानी, तो उन्होंने उसकी उस इमारत का ढांचा गिरा दिया, जिसका निर्माण वह दानापुर इलाके में कर रहा था।’’

उन्होंने कहा कि राजद विधायक भी मामले में आरोपी हैं। सिंह ने कहा कि पुलिस जल्द ही फरार आरोपियों को पकड़ लेगी, क्योंकि तलाशी अभियान अब भी जारी है।

गौरतलब है कि विधायक रीतलाल यादव ने 17 अप्रैल को पटना की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। दानापुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राजद विधायक और उनके तीन अन्य सहयोगियों- चिक्कू यादव, पिंकू यादव और श्रवण यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गयाद था।

दानापुर कोर्ट में पत्रकारों से बातचीत में राजद विधायक ने कहा था, ‘‘मैं राजनीतिक साजिश का शिकार हूं… मेरी जान को खतरा है… मेरी हत्या हो सकती है। अगर मैं जिंदा रहा तो जमानत के लिए कागजात दाखिल करूंगा। कुछ अधिकारी मेरे खिलाफ हैं… मैं दोहराता हूं: मेरी जान को खतरा है।’’

विधायक ने कहा था, ‘‘पिछले कई महीने से मेरी हत्या की कोशिश चल रही है। मुझे खत्म करने के लिए कुछ अधिकारियों ने मेरे प्रतिद्वंद्वियों को एक अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराया था।’’

भाषा वैभव सुरेश

सुरेश


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