Bihar Jewellery Federation Decision: बुर्का-हिजाब पहनकर आने पर नहीं मिलेंगे सोने-चांदी के गहने.. ज्वेलरी फेडरेशन का बड़ा फैसला, वजह भी बताई

पिछले साल 15 दिसंबर 2025 को पटना में आयुष (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी) चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र बांटते समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींच दिया था। इस घटना के बाद से बुर्का को लेकर राज्य की सियासत पहले से गरमाई हुई है।

Bihar Jewellery Federation Decision: बुर्का-हिजाब पहनकर आने पर नहीं मिलेंगे सोने-चांदी के गहने.. ज्वेलरी फेडरेशन का बड़ा फैसला, वजह भी बताई

Bihar Jewellery Federation Decision on Burqa || Image- AI GENERATED

Modified Date: January 8, 2026 / 09:52 am IST
Published Date: January 8, 2026 9:49 am IST
HIGHLIGHTS
  • चेहरा ढककर गहने खरीदने पर रोक
  • सुरक्षा कारणों का हवाला, भेदभाव से इनकार
  • RJD ने फैसले को असंवैधानिक बताया

पटना: देश में कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतों के बीच बिहार राज्य के ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन ने बुर्का पहनने वाले ग्राहकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। (Bihar Jewellery Federation Decision on Burqa) बताया गया है कि, सुरक्षा कारणों से अब चेहरे ढके हुए पुरुष और महिलाएं सोना नहीं खरीद पाएंगे। फेडरेशन ने कहा कि बिहार में आभूषण की दुकानें हिजाब , नकाब , बुर्का (पर्दा), स्कार्फ, मास्क, हेलमेट आदि से चेहरा ढके हुए ग्राहकों को प्रवेश और गहने बेचने से साफ़ इंकार कर सकती है।

“सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला” : ज्वेलरी फेडरेशन

एआईजेजीएफ की बिहार इकाई के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा, “खरीदारी के समय पहचान के लिए ग्राहकों के चेहरे दिखाई न देने पर दुकान में उनका प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय “पूरी तरह से सुरक्षा कारणों से लिया गया है और किसी विशेष समुदाय या धार्मिक समूह को लक्षित नहीं करता है।”

उन्होंने आगे कहा , “संघ हिजाब या बुर्का पर प्रतिबंध नहीं लगा रहा है, बल्कि ग्राहकों से खरीदारी के दौरान पहचान के लिए अपना चेहरा दिखाने का अनुरोध कर रहा है।” (Bihar Jewellery Federation Decision on Burqa) वर्मा ने कहा, “यह नियम उन पुरुषों पर भी समान रूप से लागू होता है जो अपने चेहरे को स्कार्फ या हेलमेट से ढकते हैं। यह निर्देश सभी के लिए है, किसी विशेष समुदाय या धर्म के खिलाफ नहीं।”

 ⁠

“मकसद सिर्फ अपराधों को रोकना” : ज्वेलरी फेडरेशन

वर्मा ने पटना में मीडियाकर्मियों से कहा, “आज 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1.40 लाख रुपये है, जबकि एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2.5 लाख रुपये है। समस्या तब पैदा होती है जब लोग अपना चेहरा छुपाकर दुकानों में घुसते हैं। वे तीन-चार लोगों के समूह में आते हैं, पूरे चेहरे पर नकाब या नकाब पहनते हैं और लूटपाट करते हैं। हाल ही में, चेहरे पर नकाब पहने नकाबपोश पुरुषों और महिलाओं द्वारा लूटपाट और चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। यह निर्णय पूरी तरह से ऐसे अपराधों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।”

अध्यक्ष ने कहा, “मैंने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इस बारे में बात की है, जिन्होंने इस नियम को लागू करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, जिसका पालन राज्य की कई दुकानों ने शुरू कर दिया है। हमारा इरादा भेदभाव करने का नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, (Bihar Jewellery Federation Decision on Burqa) “अन्य राज्यों के कुछ जिलों में भी इसी तरह के एहतियाती उपाय अपनाए जा रहे हैं, लेकिन बिहार पहला राज्य है जिसने पूरे राज्य में इस निर्देश का पालन किया है।”

फैसले से भड़की RJD, लगाए आरोप

विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राज्य प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस घटनाक्रम पर आपत्ति जताई। अहमद ने कहा, “यह कदम असंवैधानिक है और भारत की धर्मनिरपेक्ष और संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ है।” उन्होंने आगे कहा, “यह संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार को सीमित करने का प्रयास है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इस कदम के पीछे हैं।

अहमद ने कहा, “इस तरह के असंवैधानिक कदमों को बढ़ावा देना और उनका पालन करना देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को कमजोर कर सकता है। किसी भी दुकान का कोई भी कर्मचारी किसी का हिजाब या बुर्का नहीं हटा सकता। हम इसके लिए केवल विनम्र निवेदन कर सकते हैं, इस पर किसी भी तरह के टकराव का कोई सवाल ही नहीं है।

बुर्का पर बिहार में विवाद जारी

गौरतलब है कि, पिछले साल 15 दिसंबर 2025 को पटना में आयुष (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी) चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र बांटते समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींच दिया था। (Bihar Jewellery Federation Decision on Burqa) इस घटना के बाद से बुर्का को लेकर राज्य की सियासत पहले से गरमाई हुई है। वही अब इस नए फैसले के बाद विवाद खड़ा हो गया है। ऐसे में ज्वेलरी फेडरेशन के इस नए फरमान से एक बार फिर सियासी टकराव देखें को मिल सकता है।

इन्हें भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown