Vijayadashami 2023: त्रेता का दशहरा..चुनाव का ककहरा! कैसे होगा सियासी दल पैदा करने वाले रावण का दहन?
Vijayadashami 2023: त्रेता का दशहरा..चुनाव का ककहरा! कैसे होगा सियासी दल पैदा करने वाले रावण का दहन?
रायपुर। Vijayadashami 2023 विजयादशमी के मौके पर भाजपा की ओर से एक्स पर जारी यही वो पोस्टर है जिस पर छत्तीसगढ़ में नेता एक दूसरे पर बयानों के तीर चला रहे हैं। इस पोस्टर में कुर्ता पायजामा पहने हुए एक दस सिरों वाले शख्स का कार्टून बनाया गया है, जिसे ठगेश नाम दिया गया है। हर सिर पर एक घोटाले का जिक्र है और ये ठगेश नाम का कार्टून पात्र अपने हाथ में भ्रष्टाचार रूपी एक हथियार लिए हुए है। छत्तीसगढ़ की जनता को राम के तौर पर प्रदर्शित करते हुए इस रावण का वध करते हुए दिखाया गया है। भाजपा की ओर से जारी इस पोस्टर पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को निशाने पर ले लिया। भूपेश ने रमन सिंह की ठाकुर जाति की आड़ लेते हुए लिखा कि पिछड़ों, आदिवासियों और दलितों को गाली देना ठाकुर रमन सिंह और उनकी पार्टी की परंपरा रही है। दोनों पक्षों के नेताओं के बीच जारी ये युद्ध अब सोशल मीडिया की रणभूमि से बाहर निकल कर जुबानी वार-पलटवार में शिफ्ट हो गया है।
Vijayadashami 2023 वैसे सियासी महासमर में रावण की इंट्री कोई आज की बात नहीं है। रावण हर चुनाव में जिंदा हो जाता है। 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने तब गुजरात की एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रावण बता दिया था। मोदी तो जैसे इस इंतजार में ही थे कांग्रेस एक बार फिर उन्हें नीच, मौत का सौदागर या चायवाला जैसी कोई उपाधि दे और वो उसका सियासी फायदा उठा ले जाएं। मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी को रावण बताकर भाजपा की ये मुराद पूरी कर दी थी।
आप जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी राम का अस्तित्व स्वीकार नहीं करती। कांग्रेस को अयोध्या में भव्य राममंदिर बनाने में विश्वास नहीं है। कांग्रेस को रामसेतु पर विश्वास नहीं। यही कांग्रेस पार्टी मुझे गाली देने के लिए रामायण से रावण को ले आई है। रावण की मौजूदगी संसद में भी नजर आई थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी रावण को लेकर संसद पहुंचे थे। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी को रावण बता दिया था।
रावण केवल दो लोगों की सुनता था। मेघनाद और कुंभकरण। वैसे ही मोदी केवल दो लोगों की सुनते हैं अमित शाह और अडाणी। रावण के अहंकार ने लंका को जलाया था। खास बात ये रही कि भाजपा ने राहुल गांधी के इस बयान का बदला लेते हुए बाद में राहुल को ही रावण बता दिया..। बीजेपी ने एक्स पर फिल्मी तर्ज पर एक भारत खतरे में है टैग के साथ पोस्टर जारी किया जिसमें राहुल को रावण के तौर पर दिखाया गया था।
तो नेताओं की तुलना रावण से होती रही है। और सियासत का जैसा मिजाज है आगे भी रावण की इंट्री होती रहेगी। लेकिन टीवी शो रामायण में रावण की भूमिका निभाने वाले एक्टर अरविंद त्रिवेदी ने अपने इंटरव्यू में एक बड़े मार्के की बात कही थी। अरविंद त्रिवेदी ने नेताओं से रावण की तुलना पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि,’ रावण काफी उसूलों वाला इंसान था, वह घोर तपी और नियमों को मानता था। ऐसे में जब लोग नेताओं की तुलना रावण से करते हैं, तो मुझे बहुत ठेस पहुंचती है।”
भगवान प्रभु श्री राम ने भले त्रेता युग में रावण का वध करके उसे मुक्ति दिला दी हो लेकिन वो रावण इस सियासी कलयुग में आज भी प्रतीक रूप में दर्ज है। रावण के जो अवगुणों उनके विनाश की वजह बने, नेता उन अवगुणों को अपने विरोधी नेता के चरित्र से तुलना करके उन्हें रावण के तौर पर प्रचारित करने का मौका तलाश लेते हैं। कभी किसी नेता की रावण के तौर पर तुलना कर दी जाती है तो कभी किसी और नेता की। इस बार छत्तीसगढ़ में भाजपा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इशारों में रावण बता दिया है, जिसके बाद सियासी वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है…।

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