IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर किसान की बेटी अंजु साहू बोलीं- डॉक्टर बनकर करूं सेवा

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर किसान की बेटी अंजु साहू बोलीं- डॉक्टर बनकर करूं सेवा

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर किसान की बेटी अंजु साहू बोलीं- डॉक्टर बनकर करूं सेवा

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022: Success Story of 12th Topper Anju Sahu

Modified Date: November 29, 2022 / 04:57 pm IST
Published Date: July 7, 2022 4:18 am IST

रायपुर। IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022  : अपने सामाजिक सरोकारो को निभाते हुए IBC24 समाचार चैनल हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप सम्मान से जिले की टॉपर बेटियों को सम्मानित करता है। इस साल भी IBC24 समाचार चैनल की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। IBC24 की ओर से दी जाने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल टॉपर बेटियों को ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक संभाग के टॉपर बेटों को भी दी जाएगी। राजनांदगांव जिले की अंजु साहू ने जिले का मान बढ़ाया है। 12वीं परीक्षा में 464 अंक हासिल किया। अंजु साहू ने शा. हा. से. स्कूल, साल्हेकला, राजनांदगांव में अपना पढ़ाई पूरी की है।

अंजु साहू ने कहा कि “मेरे पापा किसान हैं। वे चाहते हैं कि मैं खूब पढ़ूं और एक योग्य व्यक्ति बनकर दिखाऊं। मेरे हाथ में उनके सपना पूरा करने के लिए पढ़ाई है।“

अंजू का सपना है, बनूं प्रतिष्ठित डॉक्टर

अंजु साहू की जुबानी.. मैंने अपनी पढ़ाई को अलग ढंग से शिड्यूल किया था। घर के काम-काज भी करती थी और पढ़ाई भी। पापा किसान हैं। उनकी इच्छा है बेटी बड़ा कुछ करे। उनके सपनों को साकार करना है तो अपने आपको ज्यादा ठीक ढंग से पेश करना होगा। मेहनत के मामले में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी। देर रात तक पढ़ना। सुबह जल्दी उठना। दिन में स्कूल। शाम को फिर कुछ पढ़ाई। घर के काम और फिर देर रात तक किताबों से चिपके रहना। यही मेरा रुटीन रहा। पढ़ने के लिए अलग से हैबिट नहीं बनानी पड़ी, क्योंकि मैं शुरुआत से ही क्लासेस में अच्छा करती रही हूं। इस बार का लक्ष्य थोड़ा बड़ा था। इसे पाने के लिए मेहनत भी उसी स्तर की चाहिए थी। स्कूल तक की दूरी लगभग 2 किलोमीटर तक है। इसे मैंने अपनी सायकल से ही तय किया। मन पर निराशा और शरीर में थकान को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। मैं चाहती हूं कि एक दिन प्रतिष्ठित डॉक्टर बनूं। लोगों को सेहतमंद बनाना सबसे बड़ा काम होता है। पापा कहते हैं तुम जो अच्छा कर सकती हो वह जरूर करो। उसे पूरी ईमानदारी से करो तो कोई कभी विफल नहीं हो सकता। इसी को मैंने गांठ बांधा। वे किसान होकर भी पढ़ाई को लेकर कभी मुझे पीछे नहीं रहने देते। आईबीसी-24 न्यूज चैनल द्वारा दी जाने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप में मैं भी शामिल हुई। यह बड़े गौरव की बात है। टॉपर बनने को मैं एक पड़ाव मानती हूं। अभ बहुत दूर तक सफर करना है। मंजिल तो मेरी डॉक्टर बनना है।


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