IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : बस्तर की वादियों से प्रिया ने कड़ी मेहनत करके बजाया सफलता का डंका
IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : बस्तर की वादियों से प्रिया ने कड़ी मेहनत करके बजाया सफलता का डंका
Success Story of 12th Topper priya nishad
रायपुर। IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : अपने सामाजिक सरोकारो को निभाते हुए IBC24 समाचार चैनल हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप सम्मान से जिले की टॉपर बेटियों को सम्मानित करता है। इस साल भी IBC24 समाचार चैनल की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। IBC24 की ओर से दी जाने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल टॉपर बेटियों को ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक संभाग के टॉपर बेटों को भी दी जाएगी। जगदलपुर की प्रिया निषाद ने जिले का मान बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा में 462 अंक हासिल किया। प्रिया निषाद ने सरस्वती शिशु मंदिर, कंगोली, बस्तर में अपना पढ़ाई पूरी की है।
प्रिया निषाद ने कहा कि “पापा ने पाई-पाई जोड़कर मुझे स्कूटी दिलाई, ताकि मुझे आने-जाने में दिक्कत न हो। आज वे खुश हैं कि उनकी बेटी कामयाब हुई।“
बस्तर की वादियों से प्रिया ने कड़ी मेहनत करके बजाया सफलता का डंका
प्रिया निषाद की जुबानी.. मैं एक साधारण परिवार से आती हूं। पापा फिशिंग का छोटा सा कारोबार करते हैं। माता गृहिणी हैं। मेरे लिए यह सफलता बहुत बड़ी है। स्वर्ण शारदा के रूप में आईबीसी-24 की ओर से दी जाने वाली स्कॉलरशिप मेरे मान में वृद्धि करने वाला प्रयास है। मुझे इस सफलता तक पहुंचाने में मेरे स्कूल टीचर्स का बड़ा योगदान है। उन्होंने मुझे हर वक्त प्रेरित किया है। कभी कोई जरूरत पड़ी है तो यथाशीघ्र डाउट्स क्लीयर किए हैं। मैंने संकल्प लिया था कि मेरी तरफ से मेहनत में कोई कसर नहीं रहेगी। चूंकि मैं 10वीं और 11वीं में भी अच्छे अंक ला चुकी हूं। इसलिए मेरा विश्वास और मजबूत होता गया। पापा कहते थे मेरी लगन है तो जरूर सफलता मिलेगी। आज जब सफलता मिल गई है तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं है। मैं भावुक हो जाती हूं सोचकर कि पापा ने कैसे मुझे स्कूटी दिलाई थी। उन्होंने पाई-पाई जोड़ी और मेरी यह जरूरत पूरी की। मैं चाहती हूं उनका सपना पूरा करूं और आईएएस बनूं। मैं यूपीएससी के साथ ही प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी भी करना चाहती हूं। मैंने पढ़ाई की ऐसी रणनीति बनाई जिससे कोई विषय छूटे नहीं। कोई टॉपिक कमजोर न रह जाए। कहीं से, कैसे भी प्रश्न पूछ लिए जाएं मैं जवाब लिख पाऊं। इसी रणनीति के साथ आगे बढ़ी। इसके लिए रात को 3 बजे तक भी पढ़ती थी। बीते दिनों जब भेंट-मुलाकात नाम के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्रीजी आए थे तो मेरे समाज के लोगों ने मेरा सम्मान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री जी ने मुझे मोबाइल भेंट किया और कहा ऐसे ही आगे बढ़ते जाना। अब मेरी जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है।

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