अधिकारी बन लोकसेवा करना चाहती हूं ,अदिति मिश्रा, छतरपुर
अधिकारी बन लोकसेवा करना चाहती हूं ,अदिति मिश्रा, छतरपुर
बाइक की सवारी कर अक्सर तितली की तरह उड़ती है छतरपुर जिले के लवकुशनगर तहसील में रहने वाली अदिति मिश्रा। उसके अपने ख्वाब हैं। इन्हीं सपनों को पूरा करने की तैयारी ने घर की अलमारी को पुरस्कारों से भर दिया जो अलग-अलग कक्षाओं में अव्वल आने पर अदिती को स्कूल से मिले हैं।
अदिति ने आठवीं, दसवीं और अब 12वीं में गणित संकाय में 474 अंक प्राप्त कर प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। अदिति का कहना हैं कि वह अधिकांश समय पढ़ाई में ही व्यस्त रहती थी और होमवर्क को घर पहुंचकर सबसे पहले कम्पलीट करती थीं। फिर रिवीजन की ओर विशेष ध्यान देती थी। अदिति का कहना है कि उसकी अच्छी रैंक लाने के लिए स्कूल शिक्षकों का जितना योगदान है उतना ही परिवार के सदस्यों का भी। परिवार में दादाजी और भाई ने सबसे ज्यादा सपोर्ट किया। जब वह रात में पढाई के लिए जागती थी तो परिवार के सदस्य भी साथ में जागकर मोटिवेट करते थे। अदिति अब आगे एमपीपीएससी की तैयारी समाजसेवा करना चाहती है। अदिति के पिता नहीं है। नातिन की सफलता पर जहां दादा को खुशी है, वहीं अपने जवान बेटे को खोने का गम भी उतना ही है। अदिति के दादा लक्ष्मी प्रसाद कठिन हालात में अपनी आवश्यकताओं में कटौती कर अपने नाती और नातिन को पढ़ा लिखा रहे हैं। अदिति की दादी ने भी परिस्थितियों को साझा करते हुए बताया कि उनके पास जो कुछ भी था वह अदिती के पिता के इलाज में लग चुका है। उन्होंने बताया कि अदिति में पढ़ने की लगन बहुत है, सुबह 5 बजे उठकर अदिती तीन किलोमीटर दूर पढाई करने पैदल जाती थी। भविष्य में वह जो कुछ भी बनना चाहती है उसमें हम सब पूरा सपोर्ट करेंगे। अदिति की मां ने भी उसकी पढाई में कोई रुकावट न आए इसके लिए अदिती से कभी भी रसोई में कोई भी काम नहीं करने दिया। अदिति मिश्रा ने रोजाना 10 घंटे तक पढाई की। अदिती को खाना बनाना और पेंटिंग करना पसंद है।

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