कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, प्रगति दुबे ,गुना
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, प्रगति दुबे ,गुना
कहते हैं लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। प्रगति ने अपने जीवन में ऊंचाइयां पाने के लिये नित नई सीढ़ियां बनाई और लक्ष्य बनाकर उन्हें अपने दैनिक जीवन में उतारा। मुकाम हासिल करने के लिए हर रोज पढ़ना और ज्ञान अर्जित कर नए रास्ते तैयार करना उसके सफल जीवन का मूलमंत्र है।
गुना जिले के बीनागंज के श्रीकृष्ण मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की कक्षा में जिला टॉप करने वाली प्रगति दुबे ने स्टेट मेरिट लिस्ट में भी दसवां स्थान प्राप्त किया है। लोग आज भी सोशल मीडिया के अलावा फोन करके प्रगति को बधाइयां दे रहे हैं। गणित जैसा कठिन विषय लेकर कक्षा 12वीं में प्रगति ने 474 अंक प्राप्त कर 94.8 फीसदी अंकों के साथ स्टेट मेरिट लिस्ट में भी अपना नाम दर्ज किया है। सफलता मिलने से पहले पारिवारिक जीवन में कई तरह की परिस्थितियां सामने आईं, जिसमें वर्ष 2012 में पिता भुवन विक्रम दुबे को पैरालिसिस और ब्रेन हेमरेज हो जाना उनके जीवन की सबसे बड़ी ट्रेजेडी थी। ऐसे में आर्थिक हालातों से जूझकर पढ़ाई कर पाना मानो असंभव सा लग रहा था। वहीं प्रगति की मां अंजना दुबे के सामने प्रगति व उसके बड़े भाई विवेकानंदन दोनों की पढ़ाई का खर्च उठाना, पति का इलाज कराना और घर चलाने की जिम्मेदारी एक महिला होने के नाते किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी। लेकिन मां के सपने को साकार करने के लिए प्रगति ने दिन-रात एक कर दिया। प्रगति ने सबसे पहले दसवीं कक्षा में जिला टॉप करने का सपना देखा। लेकिन जिला टॉप करने का सपना अधूरा रह गया। लेकिन इसके बाद भी सफलता के रास्ते खोजने का दौर जारी रहा, अपनी पढ़ाई में जो कमियां रही उनमें सुधार किया। स्कूल प्रिंसिपल चंद्र कुमार यादव ने भी प्रगति को समय-समय पर मोटिवेट किया। अलका मैम और मनीष सोलंकी सर ने भी पढ़ाई में काफी सपोर्ट किया। लेकिन परीक्षा नजदीक आते ही प्रगति की तबीयत खराब हो गई। 25 दिन के बाद तबीयत ठीक हुई तो प्रगति हौसला खो बैठी। तब प्रगति की मां ने हौसला दिया। जीत और सफलता का जज्बा लिए प्रगति ने फिर से पढ़ाई शुरू की। प्रगति का सपना है कि वह जज बने और लोगों को न्याय दिलाने का काम करे। वहीं पर्यावरण को लेकर भी प्रगति की सोच है कि चारों तरफ हरियाली के लिए पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण को शुद्ध बनाया जाए। समय मिलता है तो प्रगति बैडमिंटन, सिंगिंग, डांसिंग, निशाना साधने, बाइक चलाने का शौक पूरा करती है।

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