सिविल सेवा में जाना है लक्ष्य ,स्वाति गुप्ता, शहडोल
सिविल सेवा में जाना है लक्ष्य ,स्वाति गुप्ता, शहडोल
पढ़ाई पूरी निष्ठा से करनी चाहिए और पास-फेल से अपने आप को कमजोर नहीं करना चाहिए बल्कि अपना 100% देना चाहिए। यह कहना है शहडोल टॉपर स्वाति का जिसने आज तक कभी कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं की।
शहडोल जिले की व्यौहारी की रहने वाली स्वाति गुप्ता ने शिक्षा जगत में शहडोल का नाम रोशन किया, स्वति गुप्ता जयप्रकाश गुप्ता की बेटी है, जो कि किसानी के साथ-साथ किराना और कपड़े की दुकान भी चलाते हैं। मां और दोनों बच्चे सिलाई का काम करते हैं, साथ ही स्वाति भी अपनी मां के साथ कपड़े सिलाई का काम करती है, जिससे इनके घर का खर्चा चलता है। स्वाति के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। स्वाति अब आगे अच्छे कॉलेज में पढ़ सकें यह चिंता उनके घर में बनी हुई है। स्वाति गुप्ता तीन बहने हैं स्वाति उसमें सबसे बड़ी है। स्वाति की सबसे बड़ी बात यह है कि उसने आज तक कोई कोचिंग नहीं की। अपनी पढ़ाई घर पर खुद की और जो स्कूल में पढ़ाया जाता, उसी को पढ़ती रहती थी और साथ ही सिलाई कढ़ाई का काम और घर का काम भी करती थी। स्वाति की सोच है कि पढ़ाई पूरी निष्ठा से करनी चाहिए और पास-फेल से अपने आप को कमजोर नहीं करना चाहिए बल्कि अपना 100% देना चाहिए। स्वाति कहती है कि वह सिविल सेवा में अपना करियर बनाना चाहती है और देश सेवा करना चाहती है।

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