सीए बनने की है चाहत ,विवेक गुप्ता, भोपाल
सीए बनने की है चाहत ,विवेक गुप्ता, भोपाल
विवेक गुप्ता का जोश और हौसला देखकर एक बात तो तय है कि भविष्य जो भी हो लेकिन अगर मन में कुछ कर दिखाने का जज़्बा हो तो कामयाबी आपके कदम जरूर चूमेगी। परिवार की आर्थिक तंगी के बीच पढ़ाई पर फोकस कर विवेक ने न केवल भोपाल संभाग में टॉप किया है बल्कि लड़कों के वर्ग में प्रदेश में पहला स्थान भी हासिल किया है।
परिवार की आर्थिक तंगी के बीच पढ़ाई पर फोकस कर विवेक गुप्ता ने 12वीं कक्षा में 500 में से 486 नंबर लाकर अपने विषय कॉमर्स में ही नहीं, बल्कि लड़कों के वर्ग में प्रदेश में टॉप किया है। विवेक और उसकी बड़ी बहन मानसी गुप्ता के भिंड जिले में पढ़ाई में अव्वल होने के कारण माता नीतू गुप्ता और पिता महेश कुमार गुप्ता ने बच्चों की पढ़ाई के लिए भोपाल आने का फैसला लिया। परिवार की आय के नाम पर गुप्ता परिवार की भिंड में एक छोटी सी दुकान थी। इसके बाद भी परिवार भोपाल आ बसा और यहां नए सिरे से कॉस्मेटिक्स की दुकान शुरू की। परिवार की आर्थिक तंगी के बीच विवेक ने पढ़ाई पर फोकस किया। गणित में परेशानी आई तो बहन मानसी की सहायता ली और बारहवीं में प्रदेश में पहला मुकाम हासिल किया। विवेक अब सीए बनना चाहते हैं। विवेक कहते हैं कि इस पेशे में नेम, फेम के साथ मनी भी है इसलिए सीए बनने का सपना देखा है। बारहवीं में अव्वल आने वाले विवेक को ड्राइंग के साथ क्रिकेट का शौक है। विवेक को स्लोगन लिखने का भी शौक है और हाल ही में लोकसभा चुनाव के लिए हुई स्लोगन प्रतियोगिता में विवेक को पुरस्कार मिला है। मध्य प्रदेश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से विवेक को पुरस्कार स्वरूप शील्ड और प्रमाण-पत्र दिया गया है।

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