भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘सुखद संगम’ है 7.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमानः भाजपा
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 'सुखद संगम' है 7.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमानः भाजपा
नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने के अनुमान को देश के लिए ‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’ यानी सुखद संगम करार देते हुए कहा कि यह रफ्तार 2027 में भी बनी रहने की उम्मीद है।
भाजपा ने कहा कि अर्थव्यवस्था को लेकर यह आशावादी दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुधारों पर जोर, पारदर्शी शासन और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’ उस स्थिति को कहा जाता है जिसमें वृद्धि दर मजबूत रहती है, महंगाई नियंत्रण में होती है, ब्याज दरें अनुकूल होती हैं। यानी यह अर्थव्यवस्था के तीन क्षेत्रों के महत्वपूर्ण आंकड़ों के लिहाज ये सुखद संगम है।
बुधवार को जारी प्रथम अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश की अर्थव्यवस्था के 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के 7.3 प्रतिशत के अनुमान और सरकार के शुरुआती 6.3-6.8 प्रतिशत के आकलन से अधिक है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के अनुसार, वास्तविक जीडीपी (स्थिर कीमतों पर) 2025-26 में 201.90 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में यह 187.97 लाख करोड़ रुपये थी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये अग्रिम अनुमान दर्शाते हैं कि वैश्विक उथल-पुथल, भू-राजनीतिक तनाव और संरक्षणवाद के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज की गई वृद्धि का हवाला देते हुए कहा कि 2026 का साल देश की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’ के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा, “हम 2027 में भी इस आर्थिक गति के बने रहने की उम्मीद करते हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी निरंतर सुधारों, प्रशासनिक सुधारों, भ्रष्टाचार के पूर्ण उन्मूलन और शासन में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रही थी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महंगाई नियंत्रण में है, राजकोषीय घाटा लक्षित स्तर के भीतर बना हुआ है और प्रत्यक्ष करों में राहत के बावजूद जीएसटी संग्रह लगातार बढ़ रहा है। दिसंबर में जीएसटी संग्रह 1.77 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करार देते हुए कहा कि सरकार द्वारा जीएसटी सुधार, श्रम कानूनों में बदलाव, आयकर में राहत, ब्याज दरों में कटौती और मजबूत ग्रामीण मांग ने आर्थिक गतिविधियों को गति दी है।
अग्रवाल ने कहा, ‘ये उपलब्धियां ऐसे समय में आई हैं जब बजट ने प्रत्यक्ष करों में बड़ी राहत दी, और आधारभूत कर छूट सीमा को 12 लाख रुपये तक बढ़ाया गया। इसके बावजूद, भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।”
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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