बड़े विकासशील देशों की जरूरतों के लिए एडीबी पूंजी बढ़ाए: पंकज चौधरी

बड़े विकासशील देशों की जरूरतों के लिए एडीबी पूंजी बढ़ाए: पंकज चौधरी

बड़े विकासशील देशों की जरूरतों के लिए एडीबी पूंजी बढ़ाए: पंकज चौधरी
Modified Date: May 4, 2026 / 07:24 pm IST
Published Date: May 4, 2026 7:24 pm IST

समरकंद (उजबेकिस्तान), चार मई (भाषा) केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) को पूंजी विस्तार उपाय तेज करने होंगे ताकि भारत जैसे बड़े विकासशील सदस्य देशों के विकास वित्तपोषण में उधारी सीमा कोई बाधा न बने।

चौधरी ने एडीबी की यहां आयोजित वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत जैसे देश अपनी उधारी सीमा के करीब पहुंच सकते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि पूंजी विस्तार के जरिए एडीबी की ऋण देने की क्षमता बढ़ाई जाए।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में ऊर्जा, खाद्य, कर्ज, आपूर्ति शृंखला और राजकोषीय संतुलन से जुड़ी कई चुनौतियां सामने हैं जिनसे निपटने के लिए अधिक समन्वित और मजबूत कदम उठाने की जरूरत है।

चौधरी ने कहा, “एडीबी को केवल क्रमिक सुधारों से आगे बढ़ते हुए एक अधिक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए ताकि टिकाऊ एवं जुझारू क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिल सके।”

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक बुनियाद और सुधारों के दम पर अपना जुझारूपन दिखाया है। हालांकि बुनियादी ढांचे, जलवायु परिवर्तन और मानव संसाधन में निवेश के लिए सस्ती, दीर्घकालिक और भरोसेमंद वित्तीय सहायता की जरूरत बनी हुई है।

वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि एडीबी को बड़े विकासशील देशों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीतियों को और मजबूत करना होगा।

उन्होंने बहुपक्षीय विकास बैंकों में ‘महत्वपूर्ण सुधारों’ की भी वकालत की, जिसमें जोखिम लेने की क्षमता बढ़ाना, बहीखातों का बेहतर उपयोग और निजी क्षेत्र के साथ मजबूत साझेदारी शामिल है।

चौधरी ने कहा कि एडीबी को विकासशील सदस्य देशों के साथ अपना जुड़ाव और व्यापक बनाना होगा, ताकि क्षेत्र को अधिक जुड़ा हुआ और समृद्ध बनाया जा सके।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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