एयर इंडिया ने 100 से अधिक साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें घटाईं, सात मार्गों पर सेवाएं निलंबित

एयर इंडिया ने 100 से अधिक साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें घटाईं, सात मार्गों पर सेवाएं निलंबित

एयर इंडिया ने 100 से अधिक साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें घटाईं, सात मार्गों पर सेवाएं निलंबित
Modified Date: May 13, 2026 / 08:55 pm IST
Published Date: May 13, 2026 8:55 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) एयर इंडिया ने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और विमान ईंधन की ऊंची कीमतों के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती तथा सात मार्गों पर सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने की बुधवार को घोषणा की। इस दौरान एयरलाइन करीब 100 विदेशी उड़ानों में कमी करेगी।

एयर इंडिया ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि इन कदमों से उसकी अंतरराष्ट्रीय क्षमता में करीब 27 प्रतिशत की कमी आएगी। कंपनी पहले ही कुछ मार्गों पर उड़ानें घटा चुकी है।

एयर इंडिया ने बयान में कहा कि कुछ क्षेत्रों में जारी हवाई क्षेत्र प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए विमान ईंधन की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों सहित कई कारकों का संयुक्त प्रभाव कुछ नियोजित सेवाओं की व्यावसायिक व्यवहार्यता को काफी प्रभावित कर रहा है।

एक अधिकारी ने बताया कि पुनर्गठन योजना के तहत एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय क्षमता या विभिन्न मार्गों पर उपलब्ध सीट में लगभग 27 प्रतिशत की कमी होगी।

एयरलाइन ने बताया कि अगले तीन महीनों में 100 से अधिक साप्ताहिक या 400 से अधिक मासिक अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कटौती की जाएगी।

एयरलाइन कंपनी दिल्ली-शिकॉगो, मुंबई-न्यूयॉर्क, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका और दिल्ली-माले मार्गों पर अगस्त तक सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रखेगी।

एयर इंडिया ने यह भी कहा कि यदि मौजूदा असाधारण परिचालन परिस्थितियां बनी रहती हैं तो वह अपने नेटवर्क में आगे भी बदलाव कर सकती है।

एयरलाइन के अनुसार, उत्तरी अमेरिका मार्गों पर कम से कम 10 साप्ताहिक उड़ानों में कटौती की जाएगी, जबकि दिल्ली-शिकॉगो सेवा पहले से ही अस्थायी रूप से बंद रहेगी। यूरोप में 12 साप्ताहिक उड़ानें और ऑस्ट्रेलिया क्षेत्र में छह साप्ताहिक उड़ानों में कमी होगी।

सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और सार्क क्षेत्र में कुल मिलाकर 68 साप्ताहिक उड़ानों तक की कटौती की जाएगी।

बयान के अनुसार, एयरलाइन हर महीने 1,200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जारी रखेगी। इनमें उत्तरी अमेरिका के लिए प्रति सप्ताह 33 उड़ानें, यूरोप के लिए 47 उड़ानें, ब्रिटेन के लिए 57 उड़ानें, ऑस्ट्रेलिया के लिए आठ उड़ानें, सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया एवं सार्क क्षेत्र के लिए 158 उड़ानें तथा मॉरीशस (अफ्रीका) के लिए प्रति सप्ताह सात उड़ानें शामिल हैं।

दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो, वैंकूवर, पेरिस, कोपनहेगन, मिलान, वियना, और रोम जैसे मार्गों पर भी उड़ानों में कटौती की जाएगी।

मुंबई से सिंगापुर, बैंकॉक और कोलंबो की उड़ानों में कमी की जाएगी, जबकि मुंबई-न्यूयॉर्क सेवा बढ़ाई जाएगी।

कंपनी ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कई हवाई क्षेत्रों पर प्रतिबंध और लंबी उड़ान मार्गों के चलते ईंधन खपत बढ़ गई है, जिससे परिचालन लागत में तेज वृद्धि हुई है। इसी कारण एयरलाइन ने कई लागत कटौती उपाय भी लागू किए हैं और कर्मचारियों को ‘कठिन समय’ की चेतावनी दी है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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