एजीआर बकाया पर एयरटेल ने वोडाफोन आइडिया के समान राहत की मांग की

एजीआर बकाया पर एयरटेल ने वोडाफोन आइडिया के समान राहत की मांग की

एजीआर बकाया पर एयरटेल ने वोडाफोन आइडिया के समान राहत की मांग की
Modified Date: February 6, 2026 / 08:06 pm IST
Published Date: February 6, 2026 8:06 pm IST

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) भारती एयरटेल ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया के मामले में वोडाफोन आइडिया को दी गई राहत के समान ही अपने लिए भी ‘बराबरी के व्यवहार’ की मांग की है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कंपनी के वित्तीय नतीजों पर चर्चा के दौरान भारती एयरटेल के कार्यकारी वाइस चेयरमैन गोपाल विट्ठल ने कहा कि कंपनी ने इस संबंध में दूरसंचार विभाग (डीओटी) को पत्र लिखा है और उनके जवाब का इंतजार कर रही है।

विट्ठल ने कहा, ‘हमने दूरसंचार विभाग को कुछ पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है और मूल रूप से एजीआर बकाया के मामले में समान व्यवहार का अनुरोध किया है। हमें अभी विभाग से जवाब मिलना बाकी है। विभाग की प्रतिक्रिया मिलने के बाद हम अपने अगले कदमों पर निर्णय लेंगे।’

दूरसंचार कंपनियों का वित्त वर्ष 2024-25 तक सरकार को देय कुल एजीआर बकाया 1.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें भारती एयरटेल पर 51,091 करोड़ रुपये का बकाया शामिल है।

आंकड़ों के अनुसार, कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया (वीआई) पर कुल एजीआर देनदारी 89,952 करोड़ रुपये, टाटा समूह पर 20,426 करोड़ रुपये, एमटीएनएल पर 14,462 करोड़ रुपये और रिलायंस जियो इन्फोकॉम पर 1,984 करोड़ रुपये है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के आधार पर वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) को राहत दी है और वित्त वर्ष 2006-07 से 2018-19 की अवधि के लिए उसके एजीआर बकाया को 87,695 करोड़ रुपये पर स्थिर कर दिया है। यह राशि पुनर्मूल्यांकन के अधीन भी है।

भाषा सुमित पाण्डेय

पाण्डेय


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