अमेजन भारत में स्वचालन प्रौद्योगिकियों के उपयोग का विस्तार करेगी

अमेजन भारत में स्वचालन प्रौद्योगिकियों के उपयोग का विस्तार करेगी

अमेजन भारत में स्वचालन प्रौद्योगिकियों के उपयोग का विस्तार करेगी
Modified Date: June 14, 2026 / 11:43 am IST
Published Date: June 14, 2026 11:43 am IST

नयी दिल्ली/लंदन, 14 जून (भाषा) अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन भारत में अपने परिचालन में स्वचालन (ऑटोमेशन) प्रौद्योगिकियों के उपयोग का विस्तार जारी रखेगी और देश के ‘फुलफिलमेंट’ केंद्रों में उन्नत भंडारण प्रबंधन प्रणालियां तैनात करेगी। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अमेजन रोबोटिक्स के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) टाय ब्रैडी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि कंपनी पहले से ही भारत के अपने ‘फुलफिलमेंट’ नेटवर्क में कई स्वचालित समाधान इस्तेमाल कर रही है और भारतीय बाजार में निवेश के लिए प्रतिबद्ध है।

अमेजन अब तक भारत में 40 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है और वर्ष 2030 तक अतिरिक्त 35 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना घोषित कर चुकी है।

ब्रैडी ने लंदन में आयोजित अमेजन के ‘डिलिवरिंग द फ्यूचर ईएमईए 2026’ कार्यक्रम के दौरान कहा, “भारत में हमारे ‘फुलफिलमेंट’ केंद्रों में एसएलएएम (स्कैन, लेबल, अप्लाई, मैनिफेस्ट) लेबलर के जरिये भंडारण नियंत्रण और प्रबंधन से जुड़ी कई रोबोटिक प्रणालियां पहले से मौजूद हैं। हम इनमें निवेश जारी रखेंगे।”

एसएलएएम लेबलर एक स्वचालित प्रणाली है, जिसका उपयोग बड़े फुलफिलमेंट केंद्रों में पार्सल को स्कैन करने, शिपिंग लेबल लगाने और प्रेषण संबंधी जानकारी को तत्काल आधार पर संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।

अमेजन ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह 2027 की पहली छमाही तक यूरोप के अपने फुलफिलमेंट केंद्रों में अगली पीढ़ी के ‘प्रोटियस’ रोबोट को तैनात करेगी। यह रोबोट कर्मचारियों की शारीरिक रूप से कठिन कार्यों में सहायता करेगा।

भारत में ‘प्रोटियस’ रोबोट की संभावित तैनाती के बारे में पूछे जाने पर ब्रैडी ने कहा कि यह प्रणाली फिलहाल अमेरिका में उपयोग में है और अब इसका विस्तार यूरोप में किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “प्रोटियस अभी अमेरिका में है, लेकिन हम इसे यूरोप में भी शुरू कर रहे हैं। समय के साथ हमारी रोबोटिक्स प्रौद्योगिकी का दायरा लगातार बढ़ेगा और भविष्य में हम अन्य क्षेत्रों में भी इसे लेकर जाएंगे।”

कृत्रिम मेधा (एआई) और आपूर्ति श्रृंखला प्रौद्योगिकियों में निवेश बढ़ाने के लिए नीतिगत उपायों के संबंध में ब्रैडी ने कहा कि ऐसे समय में अत्यधिक नियमन से बचना चाहिए, जब एआई अभी तेजी से विकसित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जिम्मेदार एआई विकास आवश्यक है और इस प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाली कंपनियों को जवाबदेह होना चाहिए, लेकिन शुरुआती चरण में अत्यधिक नियमन नवोन्मेषण और प्रौद्योगिकी प्रगति को बाधित कर सकता है।

ब्रैडी ने कहा, “मैं नहीं चाहूंगा कि इस शुरुआती दौर में अत्यधिक नियामकीय वातावरण के कारण नवोन्मेषण प्रभावित हो।”

भाषा

अजय

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