आंध्र का रायलसीमा 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा
आंध्र का रायलसीमा 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा
अमरावती, पांच जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश ने रायलसीमा में राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी प्राप्त 172 परियोजनाओं के जरिए 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
इसके अलावा, सीआईआई भागीदारी शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए 103 और प्रस्तावों के साथ इस क्षेत्र में प्रस्तावित निवेश 275 से अधिक परियोजनाओं तक पहुंच गया है, जिनसे 3.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
यह निवेश तब आया है जब आंध्र प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और संकुल-आधारित औद्योगीकरण के जरिए सूखे की मार झेलने वाले इस क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र में बदलने की कोशिश कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, रायलसीमा 275 से अधिक परियोजनाओं में 4.58 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रतिबद्धताओं के साथ एक बड़े औद्योगिक विकास इंजन के रूप में उभर रहा है, जो क्षेत्रीय संतुलित विकास पर सरकार के जोर को दर्शाता है।
सरकार कुछ ही जगहों पर औद्योगिक विकास को केंद्रित करने के बजाय पूरे रायलसीमा में विशेष विनिर्माण परिवेश बना रही है। साथ ही दीर्घकालिक रोजगार सृजन के लिए बुनियादी ढांचे और कौशल विकास को भी मजबूत किया जा रहा है।
शुक्रवार को कडपा में 16,350 करोड़ रुपये के जेएसडब्ल्यू रायलसीमा एकीकृत इस्पात कारखाने की शुरुआत इस क्षेत्र के औद्योगिक बदलाव में एक और अहम पड़ाव है।
सूत्रों ने बताया कि रायलसीमा एक समय प्रचुर खनिज संसाधनों, जमीन की उपलब्धता और बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद के बीच रणनीतिक स्थिति के बावजूद सूखे, पानी की कमी और पलायन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह क्षेत्र राज्य की निवेश-आधारित विकास रणनीति के केंद्र में है।
अकेले राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड (एसआईपीबी) से मंजूरी प्राप्त 172 परियोजनाओं से 4.58 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने और लगभग 2.76 लाख नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।
सीआईआई भागीदारी शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए 103 निवेश प्रस्तावों के साथ, इन परियोजनाओं से पूरे क्षेत्र में 3.57 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
तिरुपति इलेक्ट्रॉनिक्स और अत्याधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है, जिसकी अगुवाई श्री सिटी कर रहा है। इसने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, डाइकिन, कैरियर ग्लोबल और आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों से निवेश आकर्षित किया है।
कैरियर ग्लोबल की 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित संयंत्र से लगभग 3,000 नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है, जबकि रॉयल एनफील्ड के 2,500 करोड़ रुपये के विनिर्माण परिसर से वाहन परिवेश के मजबूत होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार तिरुपति को अंतरिक्ष क्षेत्र में भविष्य के निवेश के साथ ‘स्पेस सिटी’ के तौर पर विकसित करने की योजना भी बना रही है।
इसी तरह, श्री सत्य साईं जिला रिलायंस इंडस्ट्रीज के 51,300 करोड़ रुपये की ऊर्जा परियोजना के साथ-साथ ग्रीनको, चिंता ग्रीन एनर्जी, अदाणी हाइड्रो एनर्जी और एचएफसीएल जैसी कंपनियों की ओर से बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा निवेश आकर्षित कर रहा है।
इसी प्रकार कडपा जिले में जेएसडब्ल्यू स्टील संयंत्र और कोप्पर्थी में प्रस्तावित आईटी संकुल और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण परिवेश के साथ इस्पात और खनिज आधारित विनिर्माण केंद्र के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
वहीं, कुरनूल जिला 22,976 करोड़ रुपये के प्रस्तावित इंडिचिप सेमीकंडक्टर परियोजना, लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचा और बढ़ते ड्रोन विनिर्माण परिवेश के साथ सेमीकंडक्टर और ड्रोन सिटी के रूप में उभर रहा है।
आंध्र प्रदेश सरकार स्थानीय युवाओं को उभरते उद्योगों के लिए तैयार करने के मकसद से आईटीआई के आधुनिकीकरण, विश्विद्यालय-उद्योग भागीदारी और एआई-आधारित मंच के जरिये उद्योग की जरूरत के अनुसार हुनरमंद बनाने की दिशा में काम कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि इस निवेश रणनीति का मकसद रायलसीमा इलाके को आंध्र प्रदेश की आर्थिक वृद्धि का मुख्य इंजन बनाना है। साथ ही औद्योगीकरण और रोजगार सृजित करके लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना भी है।
भाषा रमण योगेश
योगेश

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