Anil Agarwal Son Agnivesh Dies: दिग्गज उद्योगपति पति के बेटे का निधन, महज 49 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, स्कीइंग के वक्त हुआ था हादसा

Anil Agarwal Son Agnivesh Dies: दिग्गज उद्योगपति पति के बेटे का निधन, महज 49 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, स्कीइंग के वक्त हुआ था हादसा

Anil Agarwal Son Agnivesh Dies: दिग्गज उद्योगपति पति के बेटे का निधन, महज 49 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, स्कीइंग के वक्त हुआ था हादसा

Anil Agarwal Son Agnivesh Dies | Photo Credit: Anil Agrawal Facebook

Modified Date: January 8, 2026 / 03:39 pm IST
Published Date: January 7, 2026 11:59 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन
  • 46 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
  • दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई

नयी दिल्ली: Anil Agarwal Son Agnivesh Dies वेदांता समूह के संस्थापक अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। अग्निवेश वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के निदेशक मंडल में शामिल थे। वह अमेरिका में स्कींग के दौरान घायल हो गए थे और उपचार के बीच दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई।

Anil Agarwal Son Agnivesh Dies बेटे के निधन की पुष्टि करते हुए अनिल अग्रवाल ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा- आज मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है। अनिल अग्रवाल के दो बच्चों में दिवंगत पुत्र अग्निवेश के अलावा पुत्री प्रिया शामिल हैं। प्रिया वेदांता के निदेशक मंडल में हैं और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं।

अनिल अग्रवाल ने बताया- अग्निवेश के साथ क्या हुआ था?

अनिल अग्रवाल ने फेसबुक पोस्ट में लिखा- आज मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है। उन्होंने आगे लिखा मेरा अग्निवेश, मेरा 49 साल का बेटा, आज हमारे बीच नहीं रहा। एक बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी जाये इससे बुरा और क्या हो सकता है। अग्निवेश अपने दोस्त के साथ अमेरिका में स्कींग करने गया था। वहां एक्सीडेंट हो गया। वो Mount Sinai Hospital, New York में ठीक हो रहा था. हमें लगा सब ठीक हो जाएगा। लेकिन अचानक कार्डिस्ट अरेस्ट हो गया. और हमारा बच्चा हमें छोड़कर चला गया।

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उन्होंने आगे लिखा कि 3 जून 1976 को पटना में जब अग्नि हमारी दुनिया में आया, वो पल आज भी आंखों के सामने है। एक middle class Bihari परिवार में जन्मा था अग्नि। तुम्हारे साथ बिताया गया हर एक पल आज बहुत याद आ रहा है बेटा। अपनी माँ का दुलारा अग्नि बचपन में बेहद चंचल और शरारती था। हमेशा हँसता, हमेशा मुस्कुराता| यारों का यार था वो, और अपनी बहन Priya को लेकर सबसे प्रोटेक्टिव भी।

उसने Mayo College, Ajmer में पढ़ाई की। बेहद strong personality थी अग्नि की – boxing champion, horse riding का शौकीन, और कमाल का musician। उसने Fujeirah Gold जैसी शानदार कंपनी खड़ी की, और Hindustan Zinc का Chairman भी बना। लेकिन इन सबसे ऊपर अग्नि बेहद simple था। हमेशा अपने friends और colleagues के बीच में ही रहता था। जिससे भी मिलता, उसे अपना बना लेता था। वो हमेशा ज़मीन से जुड़ा रहा सीधा, सच्चा, जिंदादिली और इंसानियत से भरा।
वो सिर्फ बेटा नहीं था – वो मेरा दोस्त था, मेरी शान था, मेरी पूरी दुनिया था।
मैं और किरन टूट से गए हैं। बस यही सोच रहे हैं कि हमारा बेटा तो चला गया। लेकिन जो लोग हमारे वेदांता में काम करते हैं, वो सब अग्निवेश ही तो हैं। वो सब हमारे बेटे-बेटियां हैं। अग्नि और मेरा सपना था, हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाना। वो हमेशा कहता था – “पापा, हमारे देश में क्या नहीं है? फिर हम किसी से पीछे क्यों रहें?”

हमारी दिली इच्छा यही रही कि देश का कोई बच्चा भूखा न सोए, कोई बच्चा अनपढ़ न रहे, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, और सभी युवाओं को रोज़गार मिले। मैंने अग्निवेश से वादा किया था हमारे पास जितना भी धन आएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज के काम में लगायेंगे। आज फिर वो वादा दोहराता हूँ। अब और भी सादगी से जीवन जीऊंगा। और अपनी बाकी जिंदगी इसी में लगा दूंगा।

हम उन सभी मित्रों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों का दिल से धन्यवाद करते हैं जो हमेशा अग्निवेश के साथ रहे। अभी तो साथ मिलकर बहुत कुछ करना था अग्नि। तुम्हें पूरी जिंदगी जीनी थी। कितने सपने थे, कितने अरमान थे, सब कुछ अधूरा ही रह गया। समझ नहीं आता, तुम्हारे बिना अब ज़िन्दगी कैसे कटेगी बेटा। तुम्हारे बिना ज़िंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा।

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लेखक के बारे में

IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 8 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।