एंथ्रोपिक ने ‘फेबल 5’ और ‘मिथोस 5’ मॉडल की वैश्विक पहुंच पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई
एंथ्रोपिक ने ‘फेबल 5’ और ‘मिथोस 5’ मॉडल की वैश्विक पहुंच पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई
नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) अमेरिकी सरकार के निर्यात नियंत्रण संबंधी निर्देश के बाद कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने उन्नत एआई मॉडल ‘फेबल 5’ और ‘मिथोस 5’ की वैश्विक पहुंच पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी रोक लगा दी है।
अमेरिका स्थित कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह निर्देश राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। इस तरह अमेरिका के भीतर या बाहर के किसी भी विदेशी नागरिक को इन एआई मॉडलों तक पहुंच देने पर रोक लगा दी गई है।
एंथ्रोपिक ने कहा, “इस आदेश का समग्र प्रभाव यह है कि अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए हमें अपने सभी ग्राहकों के लिए फेबल 5 और मिथोस 5 मॉडलों को तुरंत निष्क्रिय करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी के अन्य मॉडलों की उपलब्धता पर इसका असर नहीं पड़ेगा।”
इस फैसले से भारत में मौजूद उपयोगकर्ताओं और उद्यमों पर असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि भारत एंथ्रोपिक का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है।
कंपनी ने हाल ही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के साथ 50,000 कर्मचारियों को अपने मॉडल उपलब्ध कराने का समझौता किया था, जबकि इन्फोसिस ने भी उन्नत उद्यम एआई समाधान के लिए साझेदारी की घोषणा की थी।
सूत्रों का कहना है कि हाल में भारत की कुछ सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों को भी ‘प्रोजेक्ट ग्लासविंग’ नामक साइबर सुरक्षा पहल के तहत ‘मिथोस’ मॉडल तक पहुंच दी गई थी।
‘फेबल 5’ मॉडल को कोड विश्लेषण, सॉफ्टवेयर खामियों की पहचान और उन्हें ठीक करने जैसी क्षमताओं के लिए विकसित किया गया है। इसका उपयोग साइबर सुरक्षा और उद्यम समाधान में किया जाता है।
वहीं, ‘मिथोस 5’ मॉडल जटिल सिस्टम का विश्लेषण करने और संभावित कमजोरियों का आकलन करने में सक्षम है। इसकी क्षमताओं को देखते हुए इसे सीमित और नियंत्रित उपयोग के लिए ही उपलब्ध कराया गया था।
एंथ्रोपिक ने कहा कि उसे 12 जून को अमेरिकी सरकार से यह निर्देश मिला था। हालांकि, इस पत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया। कंपनी के मुताबिक, सरकार का मानना है कि फेबल 5 मॉडल की सुरक्षा को दरकिनार करने के एक तरीके का पता चल गया है।
इसके साथ ही एंथ्रोपिक ने इस आकलन से असहमति जताते हुए कहा कि संबंधित तकनीक सीमित एवं गैर-सार्वभौमिक है और इसी तरह की क्षमताएं अन्य एआई मॉडलों में भी उपलब्ध हैं।
कंपनी ने अमेरिकी सरकार के इस कदम को ‘गलतफहमी’ करार देते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द सेवाएं बहाल करने के लिए प्रयासरत है। उसने अपने ग्राहकों से इस गतिरोध के लिए खेद भी जताया।
भाषा प्रेम प्रेम दिलीप
दिलीप

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