वैश्विक स्तर पर दिक्कतों के बावजूद अप्रैल-जनवरी में परिधान निर्यात 1.6 प्रतिशत बढ़ा: एईपीसी

वैश्विक स्तर पर दिक्कतों के बावजूद अप्रैल-जनवरी में परिधान निर्यात 1.6 प्रतिशत बढ़ा: एईपीसी

वैश्विक स्तर पर दिक्कतों के बावजूद अप्रैल-जनवरी में परिधान निर्यात 1.6 प्रतिशत बढ़ा: एईपीसी
Modified Date: February 23, 2026 / 06:13 pm IST
Published Date: February 23, 2026 6:13 pm IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) एईपीसी ने सोमवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर दिक्कतों और आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों के बावजूद भारत के परिधान निर्यात में वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जनवरी की अवधि के दौरान 1.6 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है।

परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन ए. शक्तिवेल ने कहा कि इटली (16 प्रतिशत), ब्रिटेन (4.8 प्रतिशत), संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) (10.6 प्रतिशत), सऊदी अरब (18.5 प्रतिशत), जर्मनी (8.7 प्रतिशत) और स्पेन (7.1 प्रतिशत) सहित कई खास बाजारों में निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

जापान, आइसलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी अच्छा प्रदर्शन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक मुश्किलों, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आपूर्ति श्रृंखला में चल रही दिक्कतों के बावजूद, इस क्षेत्र ने अप्रैल-जनवरी (2025-26) के दौरान इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.6 प्रतिशत की मामूली निर्यात वृद्धि दर्ज की।’’

परिषद ने सोमवार को अपना 48वां स्थापना दिवस मनाया।

शक्तिवेल ने कहा कि पिछले कुछ साल में, परिषद ने तैयार परिधान (आरएमजी) क्षेत्र के हितों को बढ़ावा देने, उनकी रक्षा करने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए सरकार और संबंधित अंशधारकों के साथ उद्योग की चिंताओं को लगातार उठाया है।

उन्होंने कहा कि कई प्रमुख सरकारी पहल से इस क्षेत्र की वृद्धि में तेज़ी आने की उम्मीद है, जिनमें पीएम मित्र पार्क, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, मेगा टेक्सटाइल पार्क, निर्यात संवर्धन मिशन और समर्थ दक्षता कार्यक्रम शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ‘एक्स्ट्रा-लॉन्ग स्टेपल’ कपास की खेती को बढ़ावा देना, कारोबार सुगमता बढ़ाना, बढ़े ऋण गारंटी कवरेज के ज़रिये सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण पहुंच में सुधार करना और दक्षता के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित करने जैसे अतिरिक्त समर्थक उपायों से भी उद्योग को काफ़ी गति मिलने की उम्मीद है।

शक्तिवेल ने कहा, ‘‘आगे जाकर, एईपीसी की योजना वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान लक्षित निर्यात संवर्धक गतिविधियों के समर्थन से नए और गैर-पारंपरिक बाजार में विविधीकरण के ज़रिये भारतीय परिधान निर्यात की वैश्विक पहुंच को और बढ़ाने की है।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


लेखक के बारे में