असम की रिफाइनरियां राज्य की सिर्फ 30 प्रतिशत एलपीजी मांग को पूरा कर पाएंगी : मुख्य सचिव

असम की रिफाइनरियां राज्य की सिर्फ 30 प्रतिशत एलपीजी मांग को पूरा कर पाएंगी : मुख्य सचिव

असम की रिफाइनरियां राज्य की सिर्फ 30 प्रतिशत एलपीजी मांग को पूरा कर पाएंगी : मुख्य सचिव
Modified Date: March 12, 2026 / 10:34 am IST
Published Date: March 11, 2026 10:24 pm IST

गुवाहाटी, 11 मार्च (भाषा) असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने बुधवार को कहा कि स्थानीय रिफाइनरियां राज्य की रसोई गैस (एलपीजी) मांग का केवल 30 प्रतिशत ही पूरा करने में सक्षम हैं, जिससे आने वाले दिनों में रसोई गैस की कमी की संभावना बनी हुई है।

मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में बताया कि केंद्रीय गृह सचिव के साथ देशभर में ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के बाद सभी स्थानीय रिफाइनरियों से उत्पादन बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने बताया कि स्थिति की बारीकी से निगरानी के लिए मुख्य सचिव के स्तर पर एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से आपूर्ति की समीक्षा करेगी।

साथ ही, अफवाहों और भ्रामक खबरों को रोकने के लिए एक मीडिया निगरानी समिति भी बनाई गई है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की उपलब्धता को लेकर घबराहट पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सुमित अजय

अजय


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"