बेन कैपिटल ने मणप्पुरम फाइनेंस में हिस्सेदारी खरीदने के लिए सीसीआई से मांगी मंजूरी

बेन कैपिटल ने मणप्पुरम फाइनेंस में हिस्सेदारी खरीदने के लिए सीसीआई से मांगी मंजूरी

बेन कैपिटल ने मणप्पुरम फाइनेंस में हिस्सेदारी खरीदने के लिए सीसीआई से मांगी मंजूरी
Modified Date: May 5, 2025 / 10:07 pm IST
Published Date: May 5, 2025 10:07 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) निवेश कंपनी बेन कैपिटल ने बहुस्तरीय सौदे के जरिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने के लिए निष्पक्ष व्यापार नियामक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से सोमवार को मंजूरी मांगी।

प्रस्तावित सौदे के अनुसार, बेन कैपिटल अपने दो सहयोगियों बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट 25 और बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट 14 के माध्यम से मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड (एमएफएल) में हिस्सेदारी हासिल करेगी।

प्रस्तावित लेन-देन में चार चरण शामिल हैं, जहां बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स 25 निजी नियोजन एवं तरजीही आवंटन के जरिये एमएफएल के 9.29 करोड़ पूर्ण चुकता शेयर की खरीद करेगी।

 ⁠

सीसीआई के समक्ष दाखिल नोटिस में कहा गया, ‘‘ अधिग्रहणकर्ता संख्या दो (बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट 15) द्वारा एमएफएल के 9,29,01,373 ‘वारंट’ की खरीद का भी प्रस्ताव है, जिसका प्रयोग आवंटन की तिथि से चार से 18 महीने के बीच किसी भी समय (एक या अधिक किस्तों में) किया जा सकता है। इनमें से प्रत्येक के पास एमएफएल के एक शेयर की खरीद का अधिकार होगा।’’

इसमें कहा गया, बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स 25 और इसके सहयोगी लोग खुली पेशकश के जरिये 24.42 करोड़ पूर्ण चुकता शेयर खरीदने की पेशकश कर रहे हैं, जो एमएफएल के सार्वजनिक शेयरधारकों से विस्तारित ‘वोटिंग’ शेयर पूंजी का 26 प्रतिशत है।

इसके बाद, इस लेन-देन से सेबी के एसएएसटी (शेयरों का पर्याप्त अधिग्रहण और हासिल करना) नियमों के तहत अनिवार्य खुली पेशकश शुरू होने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित लेन-देन में मणप्पुरम फाइनेंस द्वारा मणप्पुरम एसेट फाइनेंस लिमिटेड (एमएएफएल) का अधिग्रहण भी शामिल है।

प्रस्तावित लेन-देन को प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 5 (ए) के तहत अधिसूचित किया जा रहा है।

एमएफएल मुख्य रूप से स्वर्ण ऋण, वाहन ऋण और सूक्ष्म, लघू एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) ऋण प्रदान करता है। इसने आवासीय वित्त पोषण और वृहद वित्त पोषण जैसी अपनी पेशकशों का विस्तार किया है।

भाषा निहारिका पाण्डेय

पाण्डेय


लेखक के बारे में