बलरामपुर चीनीकारे तिमाही मुनाफा 22 प्रतिशत घटा, मेजापुर में लगाएगी 320 करोड़ रुपये की ईथेनॉला इकाई

बलरामपुर चीनीकारे तिमाही मुनाफा 22 प्रतिशत घटा, मेजापुर में लगाएगी 320 करोड़ रुपये की ईथेनॉला इकाई

बलरामपुर चीनीकारे तिमाही मुनाफा 22 प्रतिशत घटा, मेजापुर में लगाएगी 320 करोड़ रुपये की ईथेनॉला इकाई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:28 pm IST
Published Date: November 4, 2020 4:38 pm IST

नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) देश की दूसरी सबसे बड़ी चीनी कंपनी, बलरामपुर चीनी मिल्स का शुद्ध मुनाफा, चालू वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में 22 प्रतिशत घटकर 78.30 करोड़ रुपये रह गया। गिरावट का कारण कंपनी का व्यय बढ़ना है।

कंपनी के बोर्ड ने एक नियामकीय सूचना में बीएसई को बताया कि निदेशक मंडल ने अगले दो साल में 320 करोड़ रुपये के निवेश से प्रतिदिन 320 किलो लीटर (केएलपीडी) की क्षमता की नयी डिस्टिलरी की स्थापना को मंजूरी दी है।

इसमें बताया गया है, ‘‘प्रस्तावित क्षमता वृद्धि के साथ, कुल क्षमता बढ़कर 840 किलो लीटर प्रतिदिन हो जायेगी।’’

कंपनी इस निवेश के लिए 220 करोड़ रुपये कर्ज लेगी। बाकी धन आंतरिक स्रोतों से लगया जायेगा।

नये डिस्टलरी की स्थापना उत्तर प्रदेश में इसकी मेजापुर इकाई- II में की जाएगी। उन्होंने कहा कि गन्ने की पेराई के दौरान शीरे से सीधा इथेनॉल का उत्पादन होगा तथा पेराई के बाद के दिनों में अनाज से इथेनॉल का उत्पादन होगा।

बलरामपुर चीनी ने कहा कि नई डिस्टलरी के शुरू होने पर मिजापुर इकाई कोई चीनी का उत्पादन नहीं करेगी।

कंपनी के अनुसार, इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा घटकर 78.30 करोड़ रुपये रह गया जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही में 97.73 करोड़ रुपये था। वर्ष 2020-21 के जुलाई-सितंबर की अवधि में कंपनी की शुद्ध आय बढ़कर 1,224.36 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 862.63 करोड़ रुपये थी।

कंपनी का खर्च उक्त अवधि में पहले के 743.87 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 1,199.25 करोड़ रुपये हो गया।

बलरामपुर चीनी के उत्तर प्रदेश में 10 चीनी फैक्ट्रियां हैं, जिनकी कुल गन्ना पेराई क्षमता 76,500 टन प्रतिदिन की है।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

मनोहर


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