बिल गेट्स ने स्टार्टअप के बनाए गए कीटनाशक ‘स्प्रेयर’ पर आजमाया हाथ

बिल गेट्स ने स्टार्टअप के बनाए गए कीटनाशक ‘स्प्रेयर’ पर आजमाया हाथ

बिल गेट्स ने स्टार्टअप के बनाए गए कीटनाशक ‘स्प्रेयर’ पर आजमाया हाथ
Modified Date: March 20, 2025 / 10:53 am IST
Published Date: March 20, 2025 10:53 am IST

(तस्वीरों के साथ)

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 20 मार्च (भाषा) माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने एक स्टार्टअप के नए कीटनाशक ‘स्प्रेयर’ पर अपना हाथ आजमाया है।

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स्टार्टअप द्वारा विकसित यह कीटनाशक ‘स्प्रेयर’ किसानों के लिए एक अधिक सुविधाजनक और कुशल विकल्प है, जिससे उन्हें एक समय में अधिक फसलों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

इस ‘स्प्रेयर’ को स्थानीय इंजीनियर योगेश गावंडे ने तैयार किया है।

गावंडे ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में इस उत्पाद के निर्माण के लिए 2019 में एक कंपनी का गठन किया था।

बिल गेट्स ने 17 मार्च को नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) में गावंडे की उपस्थिति में ‘स्प्रेयर’ चलाने का प्रयास किया।

मराठवाड़ा एक्सेलरेटर फॉर ग्रोथ एंड इनक्यूबेशन काउंसिल (मैजिक) कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बुधवार को गवांडे ने कहा, ‘‘ मैंने पहली बार अपने इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के दौरान एक प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में ‘स्प्रेयर’ बनाया था।’’

उन्होंने बताया कि इस ‘स्प्रेयर’ की मदद से किसानों को कीटनाशकों के छिड़काव के लिए भारी रासायनिक टैंक को अपनी पीठ पर ढोने की जरूरत नहीं है। पहियों पर चलने वाले इस अभिनव उपकरण की मदद से अब वे एक ही समय में फसलों की चार पंक्तियों पर रसायनों का छिड़काव कर सकते हैं।

गावंडे ने बताया कि बड़े पेड़ों को पर छिड़काव के लिए इसके ‘नोज़ल’ की ऊंचाई 12-14 फुट तक बढ़ाई-घटाई जा सकती है। ‘नोज़ल’ का दबाव समायोज्य है और इसलिए दबाव के कारण फसल को नुकसान नहीं होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने पहले इस स्प्रेयर को छत्रपति संभाजीनगर के पैठण में चिट्टेपिंपलगांव (गावंडे का पैतृक गांव) के पास एक राजमार्ग पर बेचने की कोशिश की थी। इसके बाद, मैंने इसे आगे बनाने का विचार छोड़ दिया क्योंकि उत्पाद की सराहना तो हुई, लेकिन इसे व्यवसाय में नहीं बदला जा सका।’’

गावंडे ने बताया कि उन्हें बाद में ‘मैजिक’ से मदद मिली, जिसके बाद उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की।

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे पास अब एक इकाई है और ‘स्प्रेयर’ 22 भारतीय राज्यों में बेचा जाता है। हमें केन्या और नामीबिया जैसे अफ्रीकी देशों से भी ऑर्डर मिलने लगे हैं।’’

गवांडे ने कहा, ‘‘मैं गेट्स फाउंडेशन से जुड़ा हुआ हूं। जब बिल गेट्स भारत आए तो मेरे उत्पाद को उनके सामने प्रस्तुत करने के लिए चुना गया। उन्होंने हमें पांच-सात मिनट दिए और स्प्रेयर पर भी हाथ आजमाया। उन्होंने ‘स्प्रेयर’ के काम करने के तरीके के बारे में कई सवाल भी पूछे।’’

मैजिक के निदेशक प्रसाद कोकिल और आशीष गरदे ने कहा कि यह उनके संगठन तथा शहर के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि यहां के उत्पादों को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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