ब्रिक्स देश कॉर्बन उत्सर्जन कम करने के लिए टिकाऊ परिवहन अवसंरचना को सहयोग बढ़ाएंगे

ब्रिक्स देश कॉर्बन उत्सर्जन कम करने के लिए टिकाऊ परिवहन अवसंरचना को सहयोग बढ़ाएंगे

ब्रिक्स देश कॉर्बन उत्सर्जन कम करने के लिए टिकाऊ परिवहन अवसंरचना को सहयोग बढ़ाएंगे
Modified Date: September 12, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: September 12, 2026 8:37 pm IST

नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) ब्रिक्स देशों ने टिकाऊ परिवहन अवसंरचना के विकास करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के मकसद से टिकाऊ विमान ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सहयोग, निवेश, प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता शनिवार को दोहराई।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स बैठक में नेताओं ने परिवहन अवसंरचना ढांचे के विकास और रखरखाव में चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को शामिल करने के महत्व को भी स्वीकार किया।

दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को हो रही ब्रिक्स की बैठक में 11 देशों के समूह शामिल हैं।

घोषणापत्र के अनुसार, ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए टिकाऊ विमान ईंधन और कम-कार्बन उत्सर्जन वाले ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के महत्व को भी स्वीकार किया।

घोषणापत्र में कहा गया, “हम टिकाऊ और मजबूत परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए परिवहन नीति, निवेश, प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की ब्रिक्स देशों की प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम आर्थिक वृद्धि, संपर्क और पर्यावरणीय स्थिरता में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हैं।”

ब्रिक्स देशों ने टिकाऊ विमान ईंधन पर ब्रिक्स मंच और नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता का उपयोग करते हुए परिवहन के कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान संबंधी ब्रिक्स सहयोग ढांचे का स्वागत किया।

घोषणापत्र में कहा गया, “हम ब्रिक्स लॉजिस्टिक आपूर्ति-श्रृंखला सहयोग ढांचे की स्थापना का स्वागत करते हैं और ब्रिक्स रेलवे अनुसंधान नेटवर्क के प्रस्ताव पर चर्चा को प्रोत्साहित करते हैं।”

घोषणापत्र के अनुसार, परिवहन क्षेत्र में सहयोग करते समय सभी सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाएगा।

ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) की परिषद में कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों के लिए चार अतिरिक्त सीटें जोड़कर परिषद की सदस्यता बढ़ाए जाने का भी स्वागत किया।

घोषणापत्र में कहा गया कि सदस्य देशों ने अफ्रीकी संघ द्वारा अफ्रीका के एकमात्र उम्मीदवार के रूप में समर्थन प्राप्त इथियोपिया और इंडोनेशिया की उम्मीदवारी का भी स्वागत किया है। दोनों देश आगामी 43वीं (असाधारण) आईसीएओ महासभा के दौरान होने वाले चुनाव में परिषद की अतिरिक्त सीटों के लिए उम्मीदवार हैं।

आईसीएओ संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख निकाय है।

भाषा यासिर अजय

अजय


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