Sagar Toxic Liquor Case Judicial Inquiry: जहरीली शराब मामले पर सरकार का बड़ा फैसला.. जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन का ऐलान..

कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। बता दें कि बीते दिनों सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Sagar Toxic Liquor Case Judicial Inquiry: जहरीली शराब मामले पर सरकार का बड़ा फैसला.. जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन का ऐलान..

Sagar Toxic Liquor Case || Image- IBC24 News File

Modified Date: September 12, 2026 / 08:35 pm IST
Published Date: September 12, 2026 8:20 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बंडा जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच
  • रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान अध्यक्ष
  • तीन महीने में आयोग सौंपेगा रिपोर्ट

Sagar Toxic Liquor Case Judicial Inquiry: भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। सरकार ने इस मामले की पूरी जांच की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त न्यायाधीश विष्णु प्रताप सिंह चौहान को सौंपी है। आयोग को अपनी रिपोर्ट तीन महीने के भीतर सरकार को सौंपनी होगी।

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एक सदस्यीय आयोग का गठन

सरकार की ओर से गठित यह आयोग एक सदस्यीय होगा और इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान करेंगे। आयोग का मुख्यालय सागर में रहेगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।

तीन बिंदुओं पर होगी जांच

Sagar Toxic Liquor Case Judicial Inquiry: न्यायिक जांच आयोग मुख्य रूप से तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच करेगा। इनमें जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का वास्तविक कारण पता करना शामिल है। इसके अलावा मामले में आबकारी और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। आयोग यह भी देखेगा कि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और अन्य पक्षों से जानकारी जुटाई जा सकती है।

आरोपियों के घर चला बुलडोजर

बंडा जहरीली शराब कांड से जुड़े आरोपियों पर प्रशासन का एक्शन लगातार जारी है। अब मामले में आरोपी बनाए गए सिद्धार्थ कुशवाहा के हाईवे किनारे स्थित पाथवे रेस्टोरेंट पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की है। प्रशासन के मुताबिक रेस्टोरेंट की बाउंड्री और गेट का कुछ हिस्सा अवैध अतिक्रमण की जद में था, जिसे कार्रवाई करते हुए हटा दिया गया।

Sagar Toxic Liquor Case Judicial Inquiry: दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव के सागर दौरे के दौरान अधिकारियों को अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद प्रशासन को फ्री हैंड मिलने के बाद शराब कांड से जुड़े आरोपियों और अन्य स्थानों पर कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। पाथवे रेस्टोरेंट के साथ-साथ हाईवे किनारे संचालित अन्य रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। होटल सत्यम और मुनमुन ढाबे के अवैध अतिक्रमण को भी प्रशासन की टीम ने हटाया।

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अबतक 30 से ज्यादा की मौत

कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। बता दें कि बीते दिनों सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी चंदभान उर्फ चंदू राजा राजपूत को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

Sagar Toxic Liquor Case Judicial Inquiry: वहीं, बीते दिन 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी रवि लखेरा को पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश करने पर पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। मामले में आरोपी मनीष लोधी अभी फरार बताया जा रहा है। अब सिद्धार्थ कुशवाहा के रेस्टोरेंट पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को शराब कांड के बाद प्रशासन की लगातार जारी सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।

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