केंद्र ने मिथिला बहु-फसली उद्यान संकुल को मंजूरी दी, मधुबनी-दरभंगा में परियोजना शुरू होगी

केंद्र ने मिथिला बहु-फसली उद्यान संकुल को मंजूरी दी, मधुबनी-दरभंगा में परियोजना शुरू होगी

केंद्र ने मिथिला बहु-फसली उद्यान संकुल को मंजूरी दी, मधुबनी-दरभंगा में परियोजना शुरू होगी
Modified Date: June 26, 2026 / 10:20 pm IST
Published Date: June 26, 2026 10:20 pm IST

पटना, 26 जून (भाषा) बिहार में बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने मिथिला बहु-फसलीय उद्यान संकुल को मंजूरी दे दी है। इसके तहत करीब 98.80 करोड़ रुपये की लागत से मधुबनी और दरभंगा जिलों में ‘कल्स्टर’ यानी संकुल आधारित बागवानी विकास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

कृषि विभाग ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र के राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) ने ‘मिथिला बहु-फसली उद्यान संकुल’ की संकुल अंतर आकलन रिपोर्ट (सीजीएआर) को स्वीकृति दे दी है। इसके बाद राज्य के उद्यान निदेशालय द्वारा संकुल विकास कार्यक्रम (सीडीपी)-2021 के तहत कार्यान्वयन एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

विभाग के अनुसार, ‘मिथिला बहु-फसली उद्यान संकुल’ वृहद श्रेणी का एकीकृत बागवानी संकुल है। इसकी कुल प्रस्तावित लागत 98.80 करोड़ रुपये है। यह परियोजना लगभग 15,100 हेक्टेयर क्षेत्र में लागू की जाएगी और इससे 19,200 किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है।

बयान के अनुसार, संकुल की प्रमुख फसलें केला और आम होंगी, जबकि लीची और मखाना को अतिरिक्त संकुल फसलों के रूप में शामिल किया गया है। यह परियोजना भारत सरकार के राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा संचालित केंद्रीय क्षेत्र की संकुल विकास कार्यक्रम-2021 के अंतर्गत क्रियान्वित की जाएगी।

परियोजना के तहत पूर्व-उत्पादन एवं उत्पादन गतिविधियों पर 38.4 करोड़ रुपये, कटाई उपरांत प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन पर 42.5 करोड़ रुपये तथा लॉजिस्टिक, विपणन और ब्रांडिंग पर 17.9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके अंतर्गत हाई-टेक नर्सरी, टिश्यू-कल्चर एवं वायरस-इंडेक्सिंग सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, प्लांट हेल्थ क्लिनिक, टपक सिंचाई आधारित क्षेत्र विस्तार, हाई-डेंसिटी पौधरोपण तथा पुराने आम के बागों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके अलावा मृदा, पत्ती और एमआरएल परीक्षण की व्यवस्था, 26 एकीकृत पैक-हाउस, 4,500 टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज, 21 फल पकाने के चैंबर, 15 रीफर वाहन तथा दरभंगा हवाई अड्डे पर नाशवान कृषि उत्पादों के लिए कार्गो सुविधा विकसित की जाएगी।

परियोजना के तहत ‘नॉर्थ बिहार फ्रूट बास्केट’ नाम से संकुल की ब्रांडिंग भी की जाएगी।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सीडीपी-2021 के तहत मिथिला बहु-फसलीय बागवानी संकुल को मिली स्वीकृति बिहार में रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इससे आधुनिक मूल्य शृंखला विकसित होगी और महिलाओं तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि आधुनिक पौधशालाओं, सूक्ष्म सिंचाई, पौध स्वास्थ्य सेवाओं, शीत-श्रृंखला, पैक-हाउस, शीतक परिवहन, डिजिटल विपणन और निर्यात मानकों पर आधारित इस परियोजना से किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), उद्यमी, महिलाएं और युवा लाभान्वित होंगे तथा राज्य के किसान परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सिन्हा ने बताया कि उद्यान निदेशालय शीघ्र ही राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगा। इसके बाद सीडीपी-2021 के प्रावधानों के अनुरूप कार्यान्वयन एजेंसी के चयन के लिए निविदा (आरएफपी) जारी की जाएगी।

भाषा कैलाश रवि कांत रमण

रमण


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