केंद्र ने वस्त्र उद्योग के ‘डेटा सिस्टम’ को मजबूत करने के लिए 15 राज्यों के साथ समझौते किया

केंद्र ने वस्त्र उद्योग के ‘डेटा सिस्टम’ को मजबूत करने के लिए 15 राज्यों के साथ समझौते किया

केंद्र ने वस्त्र उद्योग के ‘डेटा सिस्टम’ को मजबूत करने के लिए 15 राज्यों के साथ समझौते किया
Modified Date: January 8, 2026 / 08:02 pm IST
Published Date: January 8, 2026 8:02 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को वस्त्र-केंद्रित अनुसंधान, मूल्यांकन, निगरानी, ​​योजना और स्टार्टअप (टेक्स-आरएएमपी) योजना के तहत ‘डेटा सिस्टम’ को मजबूत करने के लिए एक सुदृढ़ परिचालन ढांचा तैयार करने हेतु 15 राज्यों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

इस केंद्रीय क्षेत्रीय योजना का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों और अनुसंधान की व्यापकता, गुणवत्ता, समयबद्धता और विश्वसनीयता में सुधार करना है।

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ये समझौते गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में किए गए।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि ये समझौते राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वस्त्र से जुड़ी डेटा प्रणाली को मजबूत बनाएंगे। टेक्स-आरएएमपी योजना के तहत इस पहल का लक्ष्य मुख्य क्षेत्रों जैसे हथकरघा, हस्तशिल्प, कपड़े और तकनीकी वस्त्र को बेहतर तरीके से योजना बनाकर विकसित करना है। इसके लिए काम सीधे जिला और संकुल स्तर पर किया जाएगा, ताकि जरूरत वाले स्थानों पर असर तुरंत दिखाई दे।

इन सुधारों को लागू करने के लिए मंत्रालय हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को हर साल 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगा।

वस्त्र मंत्रालय ने कहा कि ये समझौते केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और साझेदारी की भावना को दर्शाते हैं।

बयान के अनुसार, वस्त्र से जुड़े आंकड़ों की व्यवस्था को मजबूत करके सरकार मौजूदा डेटा की कमी को दूर करना चाहती है, ताकि 350 अरब डॉलर के उद्योग के लक्ष्य तक पहुंचने की योजना ठोस और वास्तविक समय की जानकारी पर आधारित हो।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार वस्त्र क्षेत्र में उत्पादन, निर्यात और टिकाऊ विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए लगातार और व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन विचार-विमर्श, नवाचार और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है, ताकि भारत के वस्त्र उद्योग को मजबूत बनाने के लिए एक ठोस रूपरेखा तैयार की जा सके।

भाषा योगेश रमण

रमण


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