नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) आतिथ्य क्षेत्र की प्रमुख कंपनी शैले होटल्स लिमिटेड का लक्ष्य वित्त वर्ष 2029-30 तक अपने कमरों की संख्या बढ़ाकर लगभग 5,500 करने का है। शैले होटल्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्वेतांक सिंह ने बताया कि कंपनी अपने पारंपरिक परिसंपत्ति-स्वामित्व मॉडल से आगे बढ़कर यह विस्तार कर रही है।
यह विस्तार शैले के व्यावसायिक मॉडल में आए बदलाव को दर्शाता है। कंपनी अब तीसरे पक्ष द्वारा संचालित होटल, फ्रैंचाइजी संपत्तियों और अपने खुद के ‘अथिवा’ ब्रांड के तहत होटल को जोड़कर इस लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है।
कंपनी की आगामी परियोजनाओं के तहत 1,200 से 1,300 कमरे अथिवा ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं।
सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘अब हम केवल परिसंपत्ति-स्वामित्व मॉडल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तीनों मॉडल पर एक साथ काम कर रहे हैं। हमारे पास रिट्ज-कार्लटन जैसी संपत्तियां आगे भी रहेंगी, जो तीसरे पक्ष द्वारा संचालित हैं, ताज जैसी फ्रेंचाइजी संपत्तियां होंगी और हमारे अपने ब्रांड अथिवा के तहत भी संपत्तियां रहेंगी।’’
कंपनी के आगामी पोर्टफोलियो में दिल्ली हवाई अड्डे पर 380 कमरों वाला ताज होटल शामिल है। इसके लगभग 70 कमरे चालू वित्त वर्ष के अंत तक खुलने की उम्मीद है।
रिट्ज-कार्लटन हैदराबाद, हयात रीजेंसी ऐरोली और उदयपुर होटल के वित्त वर्ष 2028-29 में शुरू होने की संभावना है। हाल में घोषित पुणे येरवडा परियोजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी के पास इस समय लगभग 3,389 कमरे परिचालन में हैं। इसके साथ ही उसने लगभग 2,300 नए कमरों की आगामी परियोजनाओं की घोषणा की है, जिससे उसके कुल पोर्टफोलियो में कमरों की संख्या बढ़कर लगभग 5,500 हो जाएगी।
सिंह ने कहा कि वाणिज्यिक रियल एस्टेट में विस्तार के बावजूद आतिथ्य क्षेत्र ही कंपनी का मुख्य आधार बना रहेगा।
भाषा पाण्डेय अजय
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