‘प्रेस नोट तीन’ में बदलाव से भारत के एफडीआई में चीन की हिस्सेदारी दो प्रतिशत तक पहुंचेगी: क्रिसिल

'प्रेस नोट तीन' में बदलाव से भारत के एफडीआई में चीन की हिस्सेदारी दो प्रतिशत तक पहुंचेगी: क्रिसिल

‘प्रेस नोट तीन’ में बदलाव से भारत के एफडीआई में चीन की हिस्सेदारी दो प्रतिशत तक पहुंचेगी: क्रिसिल
Modified Date: March 23, 2026 / 05:29 pm IST
Published Date: March 23, 2026 5:29 pm IST

मुंबई, 23 मार्च (भाषा) सरकार द्वारा ‘प्रेस नोट 3’ में किए गए संशोधनों से भारत में आने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में चीन की हिस्सेदारी बढ़कर फिर से दो प्रतिशत के स्तर पर पहुंच सकती है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमों में बदलाव से कुल एफडीआई में चीनी निवेश का हिस्सा दो प्रतिशत से अधिक होने की उम्मीद है। प्रेस नोट 3 लागू होने से पहले यह इसी स्तर पर था।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 से 2019 के बीच हांगकांग सहित चीन से होने वाला कुल एफडीआई प्रवाह भारत के कुल निवेश का लगभग दो प्रतिशत था। हालांकि, प्रेस नोट 3 के नए नियम लागू होने के बाद यह घटकर मात्र 0.27 प्रतिशत रह गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, नियमों में ढील दिए जाने से लंबित प्रस्तावों का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। इससे अल्पावधि में चीन और हांगकांग से निवेश में तेजी आ सकती है।

सरकार के इस कदम से भारत में एफडीआई प्रवाह तेज होने, घरेलू क्षमताओं के मजबूत होने और आयात पर निर्भरता कम होने की संभावना है।

सरकार ने अप्रैल, 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण को रोकने के लिए ये नियम लागू किए थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूंजीगत वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों और पॉलीसिलिकॉन जैसे क्षेत्रों के लिए मंजूरी की समयसीमा 60 दिन तय किए जाने से भारतीय और चीनी फर्म के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रेस नोट 3 के तहत 75,691 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल 13,625 करोड़ रुपये को ही मंजूरी मिली थी।

भाषा सुमित अजय

अजय


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