छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी
Modified Date: September 9, 2026 / 04:39 pm IST
Published Date: September 9, 2026 4:39 pm IST

रायपुर, नौ सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ में मंत्रिपरिषद ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण (न्यू एज इंड्रस्ट्रियल प्रिपेयर्डनेस फॉर अपस्किलिंग न्यू जनरेशन यूथ) मिशन को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और पांच इंडस्ट्री एक्सिलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा निपुण जॉब इंजन के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और संगठित रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें नौकरी चाहने वाला से नौकरी देने वाला बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात परिवेश और लॉजिस्टिक ढांचा विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक तथा मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को तेंदुवा गांव में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उन्होंने बताया कि लगभग दो सौ करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष एक हजार तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में तीन हजार प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल और स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं तथा उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस फैसले से शासकीय और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों तथा अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

भाषा संजीव अमित अजय

अजय


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