छत्तीसगढ़ में साय मंत्री परिषद ने ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026’ को दी मंजूरी

छत्तीसगढ़ में साय मंत्री परिषद ने 'छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026' को दी मंजूरी

छत्तीसगढ़ में साय मंत्री परिषद ने ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026’ को दी मंजूरी
Modified Date: April 29, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: April 29, 2026 4:27 pm IST

रायपुर, 29 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ में मंत्रिपरिषद ने राज्य में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026’ को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्री परिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026’ को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अवसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण के लिए जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से पांच एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से छह हजार 809 व्यक्ति तथा संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है।

भाषा

संजीव रवि कांत रमण

रमण


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