स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 44 लाख से अधिक नौकरियां सृजित होने की उम्मीद: अध्ययन

स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 44 लाख से अधिक नौकरियां सृजित होने की उम्मीद: अध्ययन

स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 44 लाख से अधिक नौकरियां सृजित होने की उम्मीद: अध्ययन
Modified Date: June 4, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: June 4, 2026 8:34 pm IST

गुवाहाटी, चार जून (भाषा) भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 44 लाख से अधिक पूर्णकालिक नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है जिनमें से लगभग 43 प्रतिशत नौकरियां रूफटॉप सोलर यानी छतों पर लगने वाली सौर प्रणाली उद्योग से आने का अनुमान है। एक अध्ययन में यह बात कही गई।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के तकनीकी मार्गदर्शन में किए गए अध्ययन ‘ड्राइविंग एनर्जी ट्रांजिशन: वर्कफोर्स, स्किल्स, एंड जेंडर इन इंडियाज रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर’ में कहा गया कि भारत अब स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है।

यह रिपोर्ट काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) और नेचुरल रिसोर्सेज डिफेंस काउंसिल (एनआरडीसी) इंडिया द्वारा तैयार की गई है।

इसमें बताया गया कि भारत के 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म यानी स्वच्छ ईंधन क्षमता लक्ष्य और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 44 लाख से अधिक पूर्णकालिक रोजगार पैदा हो सकते हैं।

अध्ययन के अनुसार, छत पर लगने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्योग रोजगार सृजन का सबसे बड़ा स्रोत बन सकते हैं, जिसका अनुमानित नौकरियों में लगभग 43 प्रतिशत का योगदान होगा।

भाषा योगेश रमण

रमण


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