विकास की अवधारणा में सभ्यतागत और संस्थागत स्मृतियों का संरक्षण भी शामिल:निर्मला सीतारमण

विकास की अवधारणा में सभ्यतागत और संस्थागत स्मृतियों का संरक्षण भी शामिल:निर्मला सीतारमण

विकास की अवधारणा में सभ्यतागत और संस्थागत स्मृतियों का संरक्षण भी शामिल:निर्मला सीतारमण
Modified Date: June 26, 2026 / 10:08 am IST
Published Date: June 26, 2026 10:08 am IST

पुडुचेरी, 26 जून (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विकास की अवधारणा में सभ्यतागत और संस्थागत स्मृतियों का संरक्षण भी शामिल है।

उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां जीर्णोद्धार के बाद 190 वर्ष पुराने प्रकाशस्तंभ को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि यह प्रकाशस्तंभ पुडुचेरी के समुद्री इतिहास से जुड़ा हुआ है।

वित्त मंत्री ने कहा कि देश अब ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है और विकास की अवधारणा में सभ्यतागत तथा संस्थागत स्मृतियों का संरक्षण भी शामिल है।

नई अवसंरचना के विकास और मौजूदा धरोहरों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए सीतारमण ने कहा कि भारत की सभ्यतागत विरासत अत्यंत प्राचीन है। इसलिए इस विरासत को संरक्षित करना और इसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।

उन्होंने प्रकाशस्तंभ के जीर्णोद्धार के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकारी विभाग भी संस्कृति के संरक्षक हैं।

इस अवसर पर पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन और मुख्यमंत्री एन. रंगासामी, विधायक विग्नेश कन्नन समेत कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

भाषा निहारिका

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