निर्माण उपकरण की बिक्री वित्त वर्ष 2025-26 में दो प्रतिशत घटी, निर्यात बढ़ा: उद्योग
निर्माण उपकरण की बिक्री वित्त वर्ष 2025-26 में दो प्रतिशत घटी, निर्यात बढ़ा: उद्योग
नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) निर्माण उपकरण उद्योग की वित्त वर्ष 2025-26 में कुल बिक्री करीब दो प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1,36,995 इकाई रही। भारतीय निर्माण उपकरण विनिर्माता संघ (आईसीईएमए) ने शुक्रवार को यह बात कही।
उद्योग संगठन के अनुसार, इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में बिक्री 1,40,191 इकाई थी।
आईसीईएमए ने कहा कि घरेलू बाजार में अस्थायी चुनौतियों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के धीमे क्रियान्वयन और परियोजनाओं में देरी के कारण बिक्री प्रभावित हुई। हालांकि, निर्यात में 32 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि ने उद्योग की मजबूती बनाए रखी।
भारतीय निर्माण उपकरण विनिर्माता संघ (आईसीईएमए) के अध्यक्ष दीपक शेट्टी ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले वित्त वर्ष में दर्ज गिरावट को उद्योग की संरचनात्मक कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण जमीन पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कार्यान्वयन में धीमापन रहा।
शेट्टी ने कहा, “सरकार का पूंजीगत व्यय आवंटन अब भी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, लेकिन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी, भूमि अधिग्रहण से जुड़ी चुनौतियों और भुगतान चक्र धीमा रहने से वर्ष के दौरान उपकरणों की मांग प्रभावित हुई।”
उन्होंने कहा कि निर्यात में मजबूत वृद्धि से उद्योग ने अपनी मजबूती दिखाई है। इससे भारतीय निर्माण उपकरणों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ने का भी संकेत मिलता है।
उन्होंने कहा, “देश में बुनियादी ढांचा विकास पर लगातार ध्यान दिए जाने से हमें उद्योग की दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं पर भरोसा है।”
उद्योग संगठन के अनुसार, 2025-26 में घरेलू बिक्री करीब सात प्रतिशत घटकर 1,13,229 इकाई रह गई, जो 2024-25 में 1,21,301 इकाई थी। यह विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के धीमे क्रियान्वयन और सतर्क खरीद रुख को दर्शाता है।
भारत अभी भी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण उपकरण बाजार बना हुआ है। अनुमान है कि यह क्षेत्र सालाना 8.3 प्रतिशत की संचयी वृद्धि दर के साथ 2030 तक 14.76 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
आईसीईएमए के अनुसार मिट्टी खोदने और हटाने वाले उपकरणों का बाजार में दबदबा बना रहा। इसकी बिक्री 97,236 इकाई रही, जो कुल बाजार का करीब 71 प्रतिशत हिस्सा है। हालांकि, इसमें सालाना आधार पर दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके मुताबिक सामग्री उठाने और ढोने वाले उपकरणों की बिक्री 10 प्रतिशत घटकर 15,290 इकाई रही। वहीं, कंक्रीट उपकरणों की बिक्री 0.09 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 14,486 इकाई रही।
सड़क निर्माण उपकरणों की बिक्री 6.3 प्रतिशत बढ़कर 7,445 इकाई हो गई, जबकि सामग्री प्रसंस्करण उपकरणों की बिक्री 1.2 प्रतिशत बढ़कर 2,538 इकाई रही।
उद्योग संगठन ने कहा कि 2025-26 में बुनियादी ढांचा उपकरणों की घरेलू मांग कई चुनौतियों से प्रभावित रही। भूमि अधिग्रहण में देरी और कम परियोजना आवंटन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण सात साल के निचले स्तर पर पहुंच गया।
संगठन के अनुसार, ‘जल जीवन मिशन’ के तहत भी धन वितरण की रफ्तार धीमी रही। वहीं, ठेकेदारों को भुगतान में देरी से पूरे क्षेत्र में नकदी की स्थिति प्रभावित हुई।
आईसीईएमए के उपाध्यक्ष शलभ चतुर्वेदी ने कहा, “भारत में बुनियादी ढांचा क्षेत्र की वृद्धि अब भी मजबूत है। परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन, जमीन पर तेजी से काम और ठेकेदारों के लिए बेहतर नकदी क्षेत्र में वृद्धि की रफ्तार बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।”
भाषा योगेश रमण
रमण

Facebook


