उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने गैस, एलपीजी शुल्क लगाने को लेकर होटल, रेस्तरांओं को किया आगाह
उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने गैस, एलपीजी शुल्क लगाने को लेकर होटल, रेस्तरांओं को किया आगाह
नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने बुधवार को होटल और रेस्तरांओं को चेतावनी दी कि वे एलपीजी शुल्क और ईंधन लागत वसूली जैसे अतिरिक्त शुल्क न लगाएं। प्राधिकरण ने कहा कि ये अनुचित व्यापार गतिविधियां हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार गतिविधियां करार दिया है और बताया है कि ‘मेन्यू’ में उल्लेखित मूल्य में केवल लागू कर ही जोड़े जा सकते हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सीसीपीए ने ‘‘होटल और रेस्तरांओं द्वारा उपभोक्ताओं के बिलों में एलपीजी शुल्क, गैस अधिभार और ईंधन लागत वसूली जैसे अतिरिक्त शुल्क लगाने को संज्ञान में लिया है।’’
सीसीपीए ने पाया कि सेवा शुल्क संबंधी मौजूदा दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर ऐसे शुल्क लगाए जा रहे हैं।
प्राधिकरण ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 10 के तहत एक परामर्श जारी किया है। इसमें निर्देश दिया गया है कि ऐसे कोई भी शुल्क स्वतः नहीं लगाए जाएंगे और उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर, सीसीपीए ने पाया है कि कुछ होटल और रेस्तरां मेन्यू में प्रदर्शित खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की कीमत और लागू करों के अतिरिक्त, उपभोक्ता बिल में ऐसे अतिरिक्त शुल्क स्वतः ही जोड़ रहे हैं।’’
इस तरह की गतिविधियों से पारदर्शिता की कमी होती है और उपभोक्ताओं पर अनुचित लागत का बोझ पड़ता है।
सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि ईंधन, एलपीजी, बिजली और अन्य परिचालन व्यय जैसी कच्चे माल की लागत कारोबार चलाने की लागत का हिस्सा हैं और इन्हें ‘मेन्यू आइटम’ की कीमत तय करते समय शामिल किया जाना चाहिए।
प्राधिकरण ने कहा कि अलग से अनिवार्य शुल्कों के माध्यम से ऐसी लागत की वसूली अधिनियम की धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार गतिविधियां है।
सीसीपीए ने सलाह दी, ‘‘कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में स्वतः ही ‘एलपीजी शुल्क’, ‘गैस शुल्क’ या इसी तरह के शुल्क नहीं जोड़ेगा।’’
मेन्यू में प्रदर्शित कीमत अंतिम कीमत होनी चाहिए, जिसमें लागू कर शामिल नहीं हैं।
प्राधिकरण ने कहा, ‘‘उपभोक्ताओं को गुमराह नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें किसी भी ऐसे अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य किया जाएगा…।’’
सीसीपीए ने कहा कि इस प्रकार के सभी शुल्क, चाहे उनका नाम कुछ भी हो, सेवा शुल्क या अतिरिक्त शुल्क की श्रेणी में आते हैं और इन्हें स्वत: रूप से वसूलना चार जुलाई, 2022 को जारी सीसीपीए दिशानिर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
भाषा रमण अजय
अजय

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