Jaggi Murder Case Reopen : फिर खुली चर्चित जग्गी हत्याकांड की फाइल! इस तारीख को होगी फाइनल हियरिंग, अमित जोगी को मिला नोटिस तो कही ये बात

Bilaspur से जुड़े चर्चित Ram Avtar Jaggi murder case में नया कानूनी मोड़ आया है। Amit Jogi से जुड़े मामले में 1 अप्रैल को हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई होगी।

Jaggi Murder Case Reopen : फिर खुली चर्चित जग्गी हत्याकांड की फाइल! इस तारीख को होगी फाइनल हियरिंग, अमित जोगी को मिला नोटिस तो कही ये बात

Jaggi Murder Case Reopen / Image Source : file

Modified Date: March 25, 2026 / 06:02 pm IST
Published Date: March 25, 2026 6:02 pm IST
HIGHLIGHTS
  • Ram Avtar Jaggi murder case में फिर कानूनी हलचल तेज हुई।
  • Amit Jogi, Satish Jaggi और Central Bureau of Investigation को अंतिम पक्ष रखने की अनुमति मिली।
  • 1 अप्रैल को Chhattisgarh High Court में सुनवाई होगी।

बिलासपुर: Jaggi Murder Case Reopen छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल ‘राम अवतार जग्गी हत्याकांड’ में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट केनिर्देश के बाद इस पुराने मामले को फिर से री-ओपन कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अंतिम सुनवाई छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में 1 अप्रैल को की जाएगी। इस फैसले ने प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है, क्योंकि इस हत्याकांड में अमित जोगी का नाम सामने आया था।

 Amit Jogi News Today पक्ष रखने की मिली छूट

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी, याचिकाकर्ता सतीश जग्गी और जांच एजेंसी CBI को अपना-अपना अंतिम पक्ष रखने की पूरी छूट दी है। कोर्ट इन सभी की दलीलों को सुनने के बाद 1 अप्रैल को अंतिम फैसला सुनाएगा। इस पूरे मामले को लेकर अमित जोगी ने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा क अभी जानकारी मिली है कि माननीय हाईकोर्ट 1 अप्रैल को उस मामले में सुनवाई करेगा, जिसमें मुझे दो दशक पहले ही बरी किया जा चुका है।

सोशल मीडिया पर शेयर की जानकारी

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क्या था मामला?

दरअसल यह मामला साल 2003 का है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस पूरे हत्याकांड की साजिश रचने के आरोपों में अमित जोगी का नाम प्रमुखता से सामने आया था। ( Satish Jaggi CBI Case )सीबीआई ने मामले की जांच की थी। इस हत्याकांड में कुल 31 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कानूनी प्रक्रिया के दौरान, बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए, जबकि ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को छोड़कर शेष 28 आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने साक्ष्यों की कमी का हवाला देते हुए अमित जोगी को इस मामले से बरी कर दिया था।

Supreme Court Hearing Jaggi Case करीब दो साल पहले हुए थे बारी

निचली अदालत के इस फैसले को चुनौती देते हुए जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने न्याय की गुहार लगाते हुए Supreme Court का दरवाजा खटखटाया। इस लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान अमित जोगी को कोर्ट से स्टे भी प्राप्त हुआ था, जिससे उन्हें तात्कालिक राहत मिली थी और करीब दो साल पहले उन्हें इस मामले में बरी किया जा चुका था। अब इस मामले में एक बार फिर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

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I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..