देश में आरएएस तकनीक वाले पहले ट्राउट मछली फार्म का हैदराबाद में उद्धाटन
देश में आरएएस तकनीक वाले पहले ट्राउट मछली फार्म का हैदराबाद में उद्धाटन
हैदराबाद, पांच जनवरी (भाषा) केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सोमवार को यहां देश के पहले एकीकृत आरएएस तकनीक पर आधारित ट्राउट मछली फार्म का उद्घाटन किया।
‘पुनर्चक्रीय जलीय-कृषि प्रणाली’ (आरएएस) के तहत मछलियों को खुले तालाब या नदी के बजाय टैंक के अंदर नियंत्रित माहौल में पाला जाता है। इसमें मछलियों द्वारा इस्तेमाल किए गए पानी को फेंका नहीं जाता, बल्कि उसे फिल्टर और शोधन इकाई से साफ कर फिर उसी टैंक में वापस भेज दिया जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने स्मार्ट ग्रीन एक्वाकल्चर लिमिटेड द्वारा स्थापित इस फार्म के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह परियोजना मत्स्य-पालन क्षेत्र के लिए एक अहम उपलब्धि है और यह दिखाती है कि आधुनिक प्रौद्योगिकी की मदद से खेती और मत्स्य उत्पादन की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ठंडे पानी में पाई जाने वाली ट्राउट मछली का हैदराबाद जैसे गर्म इलाके में सफल उत्पादन इस बात का प्रमाण है कि सही प्रौद्योगिकी अपनाकर देश में कहीं भी किसी भी प्रजाति की मछली पाली जा सकती है।
एक विज्ञप्ति के मुताबिक, सिंह ने कहा कि तापमान नियंत्रित और बंद वातावरण वाली ऐसी प्रणालियां भौगोलिक और मौसम संबंधी बाधाओं को दूर करती हैं और इससे देशभर में मत्स्य पालन के नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार आरएएस जैसी उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं और वित्तीय सहायता के जरिए सहयोग करती रहेगी।
करीब 60 लाख डॉलर की शुरुआती लागत से बने इस फार्म की सालाना उत्पादन क्षमता 1,200 टन है।
आमतौर पर ट्राउट मछली का पालन उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे ठंडे पहाड़ी राज्यों तक सीमित रहा है।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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