MP Nursing College Faculty jobs: 286 पदों की नर्सिंग फैकल्टी भर्ती में 100% महिला आरक्षण, हाईकोर्ट ने पुरुषों के लिए रास्ता खोला, अपडेटेड नोटिफिकेशन जारी
MP Nursing College Faculty jobs: मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी भर्ती के मामले ने हाल ही में ध्यान खींचा है।
mp nursing faculty jobs/ image soure: IBC24
- MP नर्सिंग फैकल्टी भर्ती में अब पुरुष भी आवेदन कर सकेंगे
- हाईकोर्ट के निर्देश पर ESB ने नोटिफिकेशन अपडेट किया
- सभी पदों पर पहले 100% महिला आरक्षण था
जबलपुर: मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी भर्ती के मामले ने हाल ही में ध्यान खींचा है। यहां के कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा जारी भर्ती MP Nursing College Faculty jobs नोटिफिकेशन में 100% महिला आरक्षण लागू कर दिया गया था, जिसके कारण पुरुष उम्मीदवार आवेदन नहीं कर पा रहे थे। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें पुरुष उम्मीदवारों को न्याय दिलाने का निर्देश दिया गया।
MPESB News: ESB ने नोटिफिकेशन किया अपडेट
हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद ESB ने अपनी गलती सुधारते हुए नोटिफिकेशन को अपडेट कर दिया। अब MP Nursing College Faculty jobs में पुरुष उम्मीदवार भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही आवेदन की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 13 जनवरी 2026 कर दिया गया है, ताकि सभी इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर सकें।
MP Assistant Professor Bharti: 286 पदों पर होने वाली है भर्ती
MP Nursing College Faculty jobs भर्ती प्रक्रिया में नर्सिंग कॉलेजों के 286 पदों पर एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और ट्यूटर के लिए चयन किया जाएगा। पहले सभी पद केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किए गए थे, जिससे पुरुष उम्मीदवारों में नाराजगी और न्याय की मांग सामने आई थी।
Madhya Pradesh News: भर्तियों में पुरुष उम्मीदवारों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया था
गौरतलब है कि जबलपुर निवासी नौशाद अली एवं अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने याचिका दाखिल कर कोर्ट को बताया है कि प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में 286 अकादमिक पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से 40 एसोसिएट प्रोफेसर, 28 असिस्टेंट प्रोफेसर और 218 सिस्टर ट्यूटर की भर्ती की जानी है। इन भर्तियों में पुरुष उम्मीदवारों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया था, जबकि भर्ती नियम तथा अपैक्स काउंसिल आईएनसी के सभी मापदंड लिंग भेद की अनुमति नहीं देते हैं। उसके बाबजूद लोक स्वास्थ्य कल्याण विभाग द्वारा की जा रही भर्ती में संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 तथा भर्ती के नियमों की अनदेखी की जा रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि सरकार की ये भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी मामले में तय 50% आरक्षण सीमा का उल्लंघन कर रही है तथा संविधान के अनुच्छेद 16(2) के तहत यह प्रत्यक्ष लिंग भेदभाव है। याचिका में माँग की गई थी कि 100% महिला आरक्षण को असंवैधानिक घोषित किया जाए और याचिकाकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाए।

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