महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण की योजना को अंतिम रूप जल्दः सचिव

महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण की योजना को अंतिम रूप जल्दः सचिव

महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण की योजना को अंतिम रूप जल्दः सचिव
Modified Date: April 10, 2026 / 10:12 pm IST
Published Date: April 10, 2026 10:12 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) खान मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण से जुड़ी एक प्रमुख सरकारी योजना अंतिम रूप दिए जाने के अग्रिम चरण में है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि देश में प्रसंस्करण मूल्य शृंखला के अभाव में विदेशों में उपलब्ध लिथियम का आयात प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है।

सचिव ने कहा कि प्रस्तावित योजना से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बैटरियों की आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

गोयल ने कहा कि योजना को मंजूरी मिलने के बाद इसके विवरण साझा किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि भारत कनाडा में महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक पर नजर रख रहा है और ब्राजील, अर्जेंटीना एवं ऑस्ट्रेलिया में लिथियम परियोजनाओं में निवेश के अवसर तलाश रहा है।

गोयल ने कहा कि अर्जेंटीना में पांच लिथियम ब्लॉक से उत्पादन 2029 तक शुरू होने की संभावना है।

इसके अलावा, चिली में चार ब्लॉक के अधिग्रहण के लिए कोल इंडिया, एनटीपीसी माइनिंग और हिंदुस्तान कॉपर की कोडेल्को के साथ बातचीत चल रही है।

उन्होंने भरोसा जताया कि भारत अगले वर्ष से तांबे का शुद्ध निर्यातक बन सकता है।

महत्वपूर्ण खनिज स्वच्छ ऊर्जा, ईवी, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा प्रणालियों के लिए आवश्यक वे कच्चे माल होते हैं। इनमें लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और दुर्लभ तत्व शामिल हैं।

भारत फिलहाल लिथियम और कोबाल्ट जैसे प्रमुख खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है।

सरकार ने इस निर्भरता को कम करने के लिए पिछले साल 16,300 करोड़ रुपये के ‘राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन’ को मंजूरी दी थी।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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