न्यूयॉर्क, नौ सितंबर (एपी) पश्चिम एशिया में तेल संयंत्रों और टैंकर पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमत करीब छह सप्ताह में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इन हमलों से पहले से कमजोर आपूर्ति श्रृंखला के और प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चे तेल का सबसे अधिक कारोबार वाला वायदा अनुबंध मंगलवार को 97.89 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। इसकी कीमत बुधवार को शुरुआती कारोबार में कुछ समय के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गई।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन के दाम भी बढ़ सकते हैं। इससे यात्रा की लागत बढ़ने के साथ-साथ ताजा खाद्य पदार्थों और फर्नीचर तथा घरेलू उपकरणों जैसी लंबी दूरी तक भेजी जाने वाली वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
बाजार में यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने अपने नौसैनिक युद्धपोत पर हुए मिसाइल हमले की कोशिश के जवाब में ईरान के पांच तेल टैंकर को निशाना बनाया। इसके अलावा, ईरान समर्थित हूती विद्रोही समूह के हमलों से सऊदी अरब में तेल संयंत्रों में आग लग गई।
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यासिर अजय
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